रांची : जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), रांची के तत्वावधान में 4 अगस्त 2026 को डी.ए.वी बिरसा मुण्डा रेसिडेंसियल स्कूल बुण्डू में ‘डॉन’ योजना के तहत नशा मुक्ति पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसके साथ ही गुटुहातू गांव में डोर-टू-डोर अभियान चलाकर ग्रामीणों को कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई। यह कार्यक्रम झालसा के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद के दिशा-निर्देश, झालसा सदस्य सचिव कुमारी रंजना अस्थाना और न्यायायुक्त-सह-अध्यक्ष अनिल कुमार मिश्रा-1 के मार्गदर्शन तथा डालसा सचिव इंचार्ज की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
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नशीली पदार्थों की तस्करी गंभीर अपराध: राजेश कुमार सिन्हा
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डिप्टी एलएडीसी राजेश कुमार सिन्हा ने छात्र-छात्राओं को एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act 1985) के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि अफीम या पोस्ता के उत्पादन और अवैध कब्जे पर मात्रा के आधार पर 20 साल तक के कठोर कारावास और 2 लाख रुपये तक के जुर्माने की सजा हो सकती है। बार-बार अपराध दोहराने पर मृत्युदंड का भी प्रावधान है। राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि नशा एक ‘साइलेंट टेररिज्म’ की तरह है जो देश को अंदर से खोखला कर रहा है। ड्रग पेडलर अक्सर युवाओं और छात्रों को लालच देकर इस अवैध कारोबार में शामिल करने की कोशिश करते हैं। इसलिए छात्रों को सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने छात्रों को नालसा के टोल फ्री नंबर 15100, बाल विवाह, बाल श्रम और पोक्सो एक्ट की भी जानकारी दी।
गुटुहातू गांव में चलाया गया डोर-टू-डोर अभियान
इसी कड़ी में गुटुहातू गांव में चलाए गए डोर-टू-डोर अभियान में ग्रामीणों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा मिलने वाली निःशुल्क कानूनी सुविधाओं की जानकारी दी गई। डालसा के पीएलवी मानव कुमार ने ग्रामीणों को नशे से होने वाले शारीरिक और मानसिक नुकसान के प्रति सचेत किया। उन्होंने बताया कि रिनपास (RINPAS), रांची और सीआईपी (CIP), रांची में नशामुक्ति केंद्र संचालित हैं, जहाँ डालसा के पीएलवी प्रतिनियुक्त हैं। कार्यक्रम के दौरान कर्मचारी मोनु कुमार, पीएलवी रूकमिनी देवी, बिमला कुमारी, सुनिता कुमारी, मुस्कान कुमारी, सौयब अंसारी और मानव कुमार समेत कई लोग उपस्थित रहे।



