रांची : जेल में बंद कैदियों के हुनर को अब बाजार तक पहुंचाने और उनके बनाए सामान की बिक्री बढ़ाने की तैयारी चल रही है। इसी को लेकर गुरुवार को जेल IG सुदर्शन मंडल रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार पहुंचे। यहां उन्होंने जेल के अंदर चल रही अलग-अलग फैक्ट्रियों का जायजा लिया और वहां हो रहे कामकाज की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने जेल में तैयार होने वाले सामान की क्वालिटी बेहतर करने और उसकी बिक्री बढ़ाने पर जोर दिया। साथ ही, सामान की मार्केटिंग अच्छे तरीके से करने के निर्देश भी दिए, ताकि कैदियों के हाथों से बने उत्पाद ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच सकें।
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जेल में बने उत्पादों की मार्केटिंग पर जोर
निरीक्षण के दौरान जेल IG ने कहा कि जेल में तैयार होने वाले उत्पादों की पहुंच अभी सीमित है। इन्हें ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए बेहतर मार्केटिंग रणनीति तैयार करने की जरूरत है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जिला प्रशासन, झरेडा और दूसरी संबंधित संस्थाओं से संपर्क कर उत्पादों के प्रचार-प्रसार की संभावनाएं तलाशने को कहा। सरकारी और अन्य माध्यमों से इनकी बिक्री बढ़ाने पर भी जोर दिया, ताकि बाजार में उत्पादों की पहचान बने और उनकी मांग बढ़ सके।
उत्पादन और गुणवत्ता बेहतर करने की तैयारी
जेल परिसर में चल रही लघु उद्योग इकाइयों की समीक्षा के दौरान उत्पादन बढ़ाने और सामान की गुणवत्ता बनाए रखने पर भी चर्चा हुई। जेल प्रशासन की कोशिश है कि कैदियों के बनाए उत्पादों को बेहतर बाजार मिले और उत्पादन से जुड़ी गतिविधियां ज्यादा प्रभावी बनें। इसके लिए उत्पादों की गुणवत्ता पर ध्यान देने के साथ उनकी बिक्री के नए रास्ते तलाशने के निर्देश दिए गए। इससे जेल में संचालित उत्पादन इकाइयों को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

जेल परिसर के बाहरी हिस्से को भी संवारा जाएगा
निरीक्षण के दौरान जेल की बाउंड्रीवॉल और बाहरी हिस्से को बेहतर बनाने पर भी चर्चा हुई। जेल IG ने बाहरी दीवार की पेंटिंग, डिजाइन और परिसर की पहचान को बेहतर करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि तैयार मॉडल के मुताबिक जरूरी सुधार किए जाएं, ताकि जेल का बाहरी स्वरूप व्यवस्थित और आकर्षक दिखे।
जेल परिसर में किया पौधरोपण
निरीक्षण के दौरान जेल IG सुदर्शन मंडल ने परिसर में पौधरोपण भी किया। उन्होंने जेल की विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। सुदर्शन मंडल ने बताया कि निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य जेल में चल रही उत्पादन इकाइयों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करना, उत्पादों की गुणवत्ता और बिक्री बढ़ाने के उपाय तलाशना और जेल परिसर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना है।




