रांची : पापांकुशा एकादशी के मौके पर रांची के श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर में गुरुवार को भव्य धार्मिक आयोजन हुआ। सुबह से रात तक पूजा-पाठ, वेद मंत्रों के उच्चारण और महाआरती से मंदिर परिसर भक्तिमय बना रहा। भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और जयकारे लगाए। रातू रोड स्थित राणी सती मंदिर लेन के श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर को तिरुपति बालाजी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। आश्विन शुक्ल पक्ष की पापांकुशा एकादशी पर यहां दिनभर कई धार्मिक अनुष्ठान किए गए।
Read More : एससी-एसटी के मुद्दों पर 29 नवंबर को महाबैठक, बंधु तिर्की ने उठाए सवाल
वेद मंत्रों के साथ हुई विशेष पूजा
दिन की शुरुआत भगवान के वंदन और सुप्रभातम् से हुई। इसके बाद षोडशोपचार पूजा और तिरुवाराधना संपन्न कराई गई। फिर नक्षत्र, कुंभ और घी की बाती से कई चरणों में महाआरती की गई। इस दौरान वेद मंत्रों, उपनिषदों और देशिक स्तोत्रों का पाठ हुआ। मंत्रों की गूंज से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा और श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना में भाग लिया।
11 तरह के फलाहारी व्यंजनों का लगा भोग
एकादशी के अवसर पर भगवान को 11 प्रकार के फलाहारी व्यंजनों का भोग लगाया गया। इसमें सावां दाना की खीर, साबूदाना और आलू की खिचड़ी, कुट्टू के आटे के पकौड़े, सिंघाड़े के आटे का हलवा और रायता समेत अन्य पकवान शामिल थे। पूजा-अर्चना और भोग के बाद श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए मंदिर के गोपुरम का पट खोला गया। पट खुलते ही भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान ‘श्रीनिवासा गोविंदा’ और ‘श्री वेंकटेशा गोविंदा’ के जयकारों से मंदिर गूंज उठा।
अर्चकों ने संपन्न कराए धार्मिक अनुष्ठान
मंदिर में सभी धार्मिक अनुष्ठान अर्चक श्री सत्यनारायण गौतम और नारायण दास ने विधि-विधान से संपन्न कराए। इस मौके पर राम अवतार नारसरिया, अनूप अग्रवाल, प्रदीप नारसरिया, राजेश सुल्तानिया, रंजन सिंह, शंभूनाथ मिश्रा, अमरनाथ पाठक, उदय राठौड़, रामवृक्ष साहू, सुशील लोहिया, अतुल त्रिपाठी और मनोज मुरारका समेत कई श्रद्धालु उपस्थित रहे।




