रांची : जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षा धांधली मामले में झारखंड पुलिस और सीआईडी की टीम पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। परीक्षा का आयोजन कराने वाली एजेंसी टीडीपीएल (TDPL) के गिरफ्तार मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी के कबूलनामे के बाद गिरिडीह पुलिस ने देर रात बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस की विशेष टीम ने अभय तिवारी के भाई अक्षय तिवारी और उनकी पत्नी को उनके घर से हिरासत में लिया है और दोनों से अलग-अलग थानों में कड़ाई से पूछताछ की जा रही है।
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अभय तिवारी ने कबूली PGT परीक्षा में धांधली की बात
मामले की जांच कर रही सीआईडी ने सबसे पहले टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी को गिरफ्तार किया था। कड़ाई से पूछताछ के दौरान अभय ने स्वीकार किया कि जेएसएससी द्वारा 3,120 पदों के लिए आयोजित ‘कंप्यूटर आधारित पोस्ट ग्रेजुएट ट्रेंड टीचर (PGT) भर्ती परीक्षा’ में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई थी। आरोपी के इस बयान के बाद सीआईडी की टीम ने जेएसएससी (JSSC) कार्यालय में भी छापेमारी की।
कैबिनेट बैठक में परीक्षाएं रद्द करने का बड़ा फैसला
इस बीच, सोमवार की देर रात मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई विशेष कैबिनेट बैठक में JSSC-CGL परीक्षा के अलावा TDPL एजेंसी द्वारा आयोजित कराई गई सभी भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बताया कि एसआईटी (SIT) और सीआईडी की जांच रिपोर्ट में परीक्षाओं में स्पष्ट रूप से धांधली के संकेत मिले हैं। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि जेपीएससी पीटी (JPSC PT) परीक्षा धांधली में पकड़े गए अभ्यर्थियों की भूमिका जेएसएससी सीजीएल (JSSC CGL) परीक्षा में भी पाई गई है, जिसके बाद सरकार ने छात्रों के हित में इन परीक्षाओं को पूरी तरह निरस्त करने का कड़ा कदम उठाया है।








