नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण बुधवार को उच्चस्तरीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल के साथ सिंगापुर के लिए रवाना हो गईं। वह वहां आयोजित होने वाले चौथे भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन (ISMR) में हिस्सा लेंगी। इस बैठक का उद्देश्य दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत करना तथा साझेदारी के नए क्षेत्रों की पहचान करना है। वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिनिधिमंडल के सिंगापुर रवाना होने की जानकारी साझा की। मंत्रालय के मुताबिक, निर्मला सीतारमण भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रही हैं। इसमें विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी तथा वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद शामिल हैं।
‘छह प्रमुख क्षेत्रों में प्रगति की होगी समीक्षा’
वर्ष 2022 में स्थापित भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय आर्थिक संवाद का महत्वपूर्ण मंच है। इसके जरिए द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग की समीक्षा के साथ भविष्य में साझेदारी के नए क्षेत्रों की पहचान की जाती है। इस बार सम्मेलन में छह प्रमुख क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा की जाएगी। इनमें उन्नत विनिर्माण, कनेक्टिविटी, डिजिटलीकरण, स्वास्थ्य एवं औषधि, कौशल विकास और सतत विकास शामिल हैं।
बैठक में इन क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने के साथ दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाई देने वाले उभरते अवसरों पर भी चर्चा होगी।
‘निवेश और डिजिटल अर्थव्यवस्था पर भी फोकस’
ISMR भारत और सिंगापुर को आर्थिक संबंधों की प्रगति का आकलन करने और सहयोग को और गहरा करने के उपायों पर चर्चा का मंच उपलब्ध कराता है। दोनों देशों के बीच निवेश, डिजिटल अर्थव्यवस्था, तकनीकी सहयोग, वित्तीय सेवाओं और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में पहले से मजबूत संबंध हैं।
चौथे सम्मेलन में इन मौजूदा सहयोग क्षेत्रों के विस्तार के साथ नए क्षेत्रों में साझेदारी की संभावनाओं पर भी विचार किए जाने की उम्मीद है।
‘जयशंकर पहले ही पहुंच चुके हैं सिंगापुर’
विदेश मंत्री एस. जयशंकर सम्मेलन से एक दिन पहले मंगलवार को ही सिंगापुर पहुंच गए थे। भारत में सिंगापुर के उच्चायुक्त साइमन वोंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उनका स्वागत किया और कहा कि चौथे भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन के लिए उनका सिंगापुर पहुंचना दोनों देशों के मजबूत संबंधों को दर्शाता है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, ISMR पारंपरिक क्षेत्रों के अलावा नए और उभरते क्षेत्रों में भारत-सिंगापुर सहयोग को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। इसका पहला सम्मेलन 2022 में आयोजित हुआ था। इसके बाद दूसरा सम्मेलन अगस्त 2024 में सिंगापुर में और तीसरा सम्मेलन अगस्त 2025 में नई दिल्ली में हुआ था। अब चौथा सम्मेलन दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण बैठक माना जा रहा है।








