नई दिल्ली : PM मोदी आज नई दिल्ली में जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के साथ 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा के साथ व्यापार, निवेश, रक्षा, सेमीकंडक्टर, क्रिटिकल मिनरल्स, स्वच्छ ऊर्जा, समुद्री सुरक्षा और हिंद-प्रशांत क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी। बैठक के दौरान कई समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर होने की भी संभावना है।
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इससे पहले गुरुवार सुबह राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची का औपचारिक स्वागत किया गया। उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस अवसर पर PM मोदी भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री बनने के बाद ताकाइची का यह पहला आधिकारिक भारत दौरा है। वह तीन दिन की यात्रा पर बुधवार शाम नई दिल्ली पहुंची थीं।
रणनीतिक साझेदारी और व्यापार पर रहेगा फोकस
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह दौरा भारत और जापान के बीच विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों नेता क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।
हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय राजनीतिक संवाद लगातार जारी रहा है। PM मोदी और सनाए ताकाइची की मुलाकात हाल ही में फ्रांस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान भी हुई थी। इससे पहले दोनों नेता पिछले वर्ष नवंबर में जोहान्सबर्ग में जी20 शिखर सम्मेलन के इतर भी मिले थे।
रुपए और येन में व्यापार पर हो सकता है बड़ा फैसला
बैठक में भारत और जापान के बीच अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा होने की संभावना है। दोनों देश ऐसी व्यवस्था पर काम कर रहे हैं, जिसके तहत द्विपक्षीय व्यापार का भुगतान सीधे भारतीय रुपए और जापानी येन में किया जा सके।
प्रस्ताव लागू होने पर जापानी कंपनियां भारत के बैंकों में विशेष खाते खोलकर स्थानीय मुद्राओं में लेनदेन कर सकेंगी। इससे विदेशी मुद्रा विनिमय की लागत कम होगी, भुगतान प्रक्रिया तेज होगी और कारोबार को अधिक सरल बनाने में मदद मिलेगी।
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स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा देने की दिशा में जापान का वित्त मंत्रालय वित्त वर्ष 2026 के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के साथ सहयोग समझौते की तैयारी कर रहा है। इससे पहले अगस्त 2025 में PM मोदी की जापान यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अगले 10 वर्षों के साझा विजन दस्तावेज में भी इस पहल का उल्लेख किया था।
निवेश और आर्थिक सहयोग होगा मजबूत
भारत और जापान के आर्थिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच 27.5 अरब डॉलर का व्यापार दर्ज किया गया। अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच जापान ने भारत में 3.2 अरब डॉलर का निवेश किया, जबकि अगले 10 वर्षों में 61 अरब डॉलर से अधिक निवेश का लक्ष्य तय किया गया है।
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भारत में वर्तमान में करीब 1,400 जापानी कंपनियां कार्यरत हैं, जिनमें लगभग आधी विनिर्माण क्षेत्र से जुड़ी हैं। जापान मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना समेत कई प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में निवेश कर रहा है। दोनों नेता इस दौरे के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे। साथ ही क्वाड, हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग पर भी चर्चा होने की संभावना है।




