रांची : झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झाडसा) के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति सुजित नारायण प्रसाद के दिशा-निर्देशों तथा न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा (प्रथम) के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), रांची की ओर से डोर-टू-डोर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में डालसा सचिव (इंचार्ज) की उपस्थिति में सोनाहातू प्रखंड के दुलमी पंचायत भवन में ‘मानव-वन्यजीव संघर्ष पीड़ितों के लिए न्याय तक पहुँच योजना’ विषय पर एक विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
क्या है ‘मानव-वन्यजीव संघर्ष पीड़ितों के लिए न्याय तक पहुँच योजना’?
कार्यक्रम के दौरान डालसा टीम के पीएलवी (पैरा लीगल वॉलिंटियर) कपिलदेव प्रसाद केशरी ने बताया कि राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण (नालसा) ने मानव-वन्यजीव संघर्ष से प्रभावित पीड़ितों और उनके परिवारों को त्वरित न्याय व पुनर्वास प्रदान करने के लिए यह ऐतिहासिक योजना शुरू की है। इसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण और सामाजिक न्याय के बीच संतुलन बनाते हुए पीड़ित परिवारों को समय पर कानूनी सहायता और अधिकार दिलाना है। पीएलवी आरती कुमारी ने स्पष्ट किया कि इस योजना के तहत वन्यजीवों के हमले से आजीविका, जान-माल या संपत्ति का नुकसान उठाने वाले सभी प्रभावितों को निःशुल्क कानूनी सहायता और परामर्श दिया जाता है।
केवल मुआवजा नहीं, व्यापक पुनर्वास पर ध्यान
पीएलवी भोलानाथ महतो ने कहा कि नालसा की यह योजना केवल वित्तीय मुआवजे तक सीमित नहीं है। इसमें पीड़ितों का व्यापक पुनर्वास शामिल है, जिसके तहत जरूरतमंदों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र, बीमा लाभ और मानसिक स्वास्थ्य सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है।
राष्ट्रीय लोक अदालत और विशेष लोक अदालत की जानकारी
कार्यक्रम के अंत में डालसा टीम ने आगामी कानूनी आयोजनों की जानकारी दी। पीएलवी रामेश्वर चौधरी और आशिक राज महतो ने बताया कि 12 सितंबर को व्यवहार न्यायालय, रांची में ‘राष्ट्रीय लोक अदालत’ का आयोजन किया जाएगा, जहां लोग अपने लंबित मामलों का निःशुल्क निपटारा करा सकते हैं। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों के त्वरित समाधान के लिए 21, 22 और 23 अगस्त को रांची व्यवहार न्यायालय में ‘विशेष लोक अदालत’ का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में नालसा के टोल-फ्री नंबर 15100 की जानकारी दी गई और लोगों के बीच कानूनी जागरूकता से संबंधित पर्चे बांटे गए। इस मौके पर पीएलवी इंदुबाला कुमारी समेत कई अन्य लोग उपस्थित थे।




