रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने चतरा जिला प्रशासन द्वारा नवविवाहित दंपतियों के लिए संचालित ‘नई पहल किट’ योजना के तहत जारी टेंडर प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी है। मुख्य न्यायाधीश एम.एस. सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 31 अगस्त की तिथि तय की है।
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पहली प्रक्रिया में L-1 घोषित, फिर भी निकाला नया टेंडर
यह विवाद चतरा DC कार्यालय की ओर से 18 मई 2026 को जारी ‘नई पहल किट’ के टेंडर को चुनौती देने वाली याचिका से जुड़ा है। अभय इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इस नए टेंडर को रद्द करने की मांग की है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि इसी कार्य के लिए इससे पूर्व 30 मार्च 2026 को टेंडर आमंत्रित किया गया था। उस प्रक्रिया में सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उन्हें सबसे कम बोली लगाने वाला पात्र निविदाकर्ता (L-1) घोषित किया गया था। इसके बावजूद विभाग ने पहली प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया और बिना किसी स्पष्ट वजह के 18 मई 2026 को दोबारा टेंडर जारी कर दिया।
हाईकोर्ट ने दिए अंतरिम रोक के निर्देश
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अंजनी कुमार ने अदालत में पक्ष रखते हुए कहा कि पहली टेंडर प्रक्रिया पूरी होने और L-1 घोषित किए जाने के बाद पुनः उसी कार्य के लिए नया टेंडर जारी करना नियमानुकूल नहीं है। उन्होंने अदालत से 18 मई के टेंडर को निरस्त करने और पहली प्रक्रिया के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाने का आग्रह किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च न्यायालय ने 18 मई 2026 को जारी टेंडर की प्रक्रिया पर तत्काल अंतरिम रोक लगा दी और राज्य सरकार से इस संबंध में विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है।
क्या है ‘नई पहल किट’ योजना?
उल्लेखनीय है कि ‘नई पहल किट’ भारत सरकार की परिवार नियोजन कल्याण योजना (फैमिली प्लानिंग वेलफेयर स्कीम) का एक प्रमुख हिस्सा है। इसका मुख्य उद्देश्य नवविवाहित जोड़ों को परिवार नियोजन और मातृ-शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी जरूरी सामग्री उपलब्ध कराना है। इस योजना को झारखंड समेत देश के कई राज्यों में लागू किया जा रहा है।




