देवघर : राजकीय श्रावणी मेला 2026 के 30वें दिन सावन पूर्णिमा के पावन अवसर पर बाबा बैद्यनाथ धाम में शिवभक्तों का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुल्तानगंज से उत्तरवाहिनी गंगा का पवित्र जल लेकर पहुंचे कांवरियों और स्थानीय श्रद्धालुओं का मंदिर परिसर में अहले सुबह से ही तांता लगना शुरू हो गया। मंदिर के कपाट खुलने के उपरांत सुबह 04:28 बजे से बाबा बैद्यनाथ का जलार्पण प्रारंभ हुआ। सावन पूर्णिमा पर कांवरिया पथ से लेकर बाबा बैद्यनाथ मंदिर परिसर तक हर तरफ केसरिया वस्त्र पहने श्रद्धालु ही नजर आ रहे हैं। ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के गगनभेदी जयघोष से पूरा देवघर क्षेत्र भक्तिमय वातावरण से सराबोर है।
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सुबह 04:28 बजे से जलाभिषेक
बाबा मंदिर के कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं ने अनुशासित तरीके से कतारबद्ध होकर जलार्पण किया। सुल्तानगंज से सौ किलोमीटर से अधिक की कठिन पैदल यात्रा तय कर पहुंचे कांवरिये लंबी कतारों के माध्यम से सुगमता से बाबा मंदिर पहुंच रहे हैं। सावन पूर्णिमा तिथि का विशेष धार्मिक महत्व होने के कारण देवघर एवं आसपास के जिलों से भी हजारों स्थानीय शिवभक्त तड़के ही मंदिर प्रांगण पहुंच गए।
केसरिया रंग में रंगा कांवरिया पथ
राजकीय श्रावणी मेला 2026 के अंतिम चरण में सावन पूर्णिमा के अवसर पर कांवरिया पथ पूरी तरह केसरिया रंग से पटा नजर आ रहा है। तड़के से ही बाबा मंदिर जाने वाले सभी मुख्य मार्गों पर कांवरियों की कई किलोमीटर लंबी कतारें देखी गईं। कतार में खड़े श्रद्धालु धैर्यपूर्वक अपनी बारी का इंतजार करते हुए ‘बोल बम’ का उद्घोष करते आगे बढ़ते रहे।
सुगम जलार्पण के लिए देवघर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद
पूर्णिमा के दिन श्रद्धालुओं की अप्रत्याशित भीड़ को ध्यान में रखते हुए देवघर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिखा। रूट लाइन से लेकर मंदिर परिसर तक प्रशासनिक अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। श्रद्धालुओं को सुलभ और सुरक्षित जलार्पण कराने के लिए लगातार सीसीटीवी (CCTV) और ड्रोन के जरिए भीड़ नियंत्रण पर निगरानी रखी जा रही है, ताकि भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।




