काठमांडू/बीजिंग : नेपाल पर प्राकृतिक आपदाओं का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। चीन के सिचुआन प्रांत में शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे आए 5.1 तीव्रता के तेज भूकंप के बाद तिब्बत सीमा पर बनी एक विशालकाय कुदरती (बैरियर) झील टूट गई है। इस घटना के बाद नेपाल में एक और भीषण बाढ़ का हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूरे देश को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश जारी किए हैं।
Read More : झारखंड में प्रमाणपत्र बनवाने वालों को बड़ी राहत, 3 महीने ऑफलाइन सुविधा
रेस्क्यू ऑपरेशन रोका गया
झील टूटने से आने वाली संभावित प्रलयंकारी बाढ़ के खतरे को देखते हुए नेपाल प्रशासन ने धादिंग और नुवाकोट सहित रसुवा जिले में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों को तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। नेपाल के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने जानकारी दी कि नेपाली अधिकारी लगातार चीनी प्रशासन के संपर्क में हैं। रसुवा जिला प्रशासन ने भोटेकोशी और अन्य नदियों के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने और अत्यंत सतर्क रहने की चेतावनी दी है। आपदा का दायरा बेहद विशाल है। चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार, तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी (Gyirong County) में 3 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 260 विदेशी पर्यटकों समेत कुल 558 लोग लापता बताए जा रहे हैं। वहीं, नेपाल की ओर भी लगभग 100 चीनी नागरिकों के लापता होने की खबर है।
5 हजार करोड़ लीटर का ‘वाटर बम’ और 30 लाख क्यूबिक मीटर अतिरिक्त पानी
चीन के जल संसाधन मंत्रालय और ‘ग्लोबल टाइम्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल सीमा के पास छोछेन खोला और पुरेपू त्सांगपो नदियों के संगम पर बनी बैरियर लेक में गुरुवार सुबह तक 20 लाख (2 मिलियन) क्यूबिक मीटर पानी जमा हो चुका था और वह ओवरफ्लो हो रही थी। सरकारी ब्रॉडकास्टर CCTV की रिपोर्ट के अनुसार, आगामी 3 दिनों में इस झील में 30 लाख क्यूबिक मीटर अतिरिक्त पानी समाहित होने की संभावना है। यदि यह झील पूरी तरह से फटती है, तो नेपाल के निचले इलाकों पर करीब 5 हजार करोड़ लीटर पानी का विनाशकारी ‘वाटर बम’ गिर सकता है। चीन का जल मंत्रालय आपातकालीन बाढ़ सिमुलेशन के जरिए खतरे का लगातार आकलन कर रहा है।




