रांची : आदिवासी नेत्री निशा भगत की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। बेटी की मौत के बाद उनके पिता हंदू भगत ने पिठोरिया थाना प्रभारी को लिखित आवेदन देकर अजय तिर्की और ज्योत्सना केरकेट्टा समेत अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनके आवेदन को पिठोरिया थाना के सब-इंस्पेक्टर सुनील कुमार दास ने रिसीव किया है। पिता ने बेटी की मौत को सुनियोजित षड्यंत्र के तहत की गई हत्या बताया है। वहीं, निशा भगत की मौत के मामले में नगड़ी चेकपोस्ट के पास युवाओं ने सड़क जाम कर दिया और सीबीआई जांच की मांग उठाई।
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पिता ने लगाए मानसिक और सामाजिक प्रताड़ना के आरोप
हंदू भगत ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि उनकी बेटी को लंबे समय से मानसिक और सामाजिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। सोशल मीडिया पर उसका चरित्र हनन किया गया और झूठे आरोप लगाकर उसे परेशान किया जाता था। पिता के मुताबिक, अलग-अलग लोगों ने निशा पर कई तरह के चारित्रिक आरोप लगाए थे। लगातार हो रही कथित प्रताड़ना के कारण उनकी बेटी मानसिक रूप से परेशान रहने लगी थी।
अजय तिर्की और ज्योत्सना केरकेट्टा पर कार्रवाई की मांग
पिता ने अपने आवेदन में अजय तिर्की और ज्योत्सना केरकेट्टा का नाम लेते हुए उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इसके अलावा उन्होंने जमीन के कारोबार से जुड़े कुछ लोगों और अन्य व्यक्तियों पर भी बेटी को परेशान करने का आरोप लगाया है। आवेदन में कहा गया है कि निशा को घर से बाहर आने-जाने के दौरान भी कथित तौर पर परेशान किया जाता था। झूठे आरोप लगाकर उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। हंदू भगत ने पुलिस से निशा की मौत से पहले सोशल मीडिया पर जारी वीडियो और उनके बयानों की जांच करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा है कि वीडियो में जिन लोगों का जिक्र किया गया है, उनकी भूमिका की भी पड़ताल होनी चाहिए। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
फेसबुक लाइव के बाद किराये के मकान में मिला था शव
गौरतलब है कि 6 नवंबर को निशा भगत का शव पिठोरिया थाना क्षेत्र स्थित उनके किराये के मकान में मिला था। उन्होंने आत्महत्या कर ली थी। घटना से पहले निशा सोशल मीडिया पर फेसबुक लाइव आई थीं। इस दौरान वह रोते हुए अपनी पीड़ा बता रही थीं। फेसबुक लाइव के दौरान उन्होंने जमीन के कारोबार से जुड़े लोगों, कथित प्रताड़ना और पुलिस-प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने कुछ लोगों के नाम लेकर अपनी परेशानियों का भी जिक्र किया था। लाइव वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया।
निशा भगत की मौत पर राजनीतिक हलचल तेज
निशा भगत की मौत के बाद झारखंड की राजनीति में भी हलचल बढ़ गई है। भाजपा समेत विपक्षी दलों के नेताओं ने इस घटना को गंभीर बताते हुए सरकार और पुलिस-प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। विपक्षी नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और सीबीआई से जांच कराने की मांग की है। वहीं, नगड़ी चेकपोस्ट के पास युवाओं ने सड़क जाम कर सीबीआई जांच की मांग उठाई।
बता दें कि निशा भगत ने 2024 का विधानसभा चुनाव जेएलकेएम के टिकट पर गुमला से लड़ा था। हालांकि, बाद में उन्होंने पार्टी छोड़ दी थी। उनकी पहचान सरना-सनातन की पैरोकार के रूप में थी। वह धर्म परिवर्तन करने वाले आदिवासी समाज के लोगों पर निशाना साधती थीं।


