रांची : अग्रवाल सभा रांची की महिला समिति के तत्वावधान में महाराजा अग्रसेन भवन में आयोजित 27वें तीन दिवसीय सावन महोत्सव मेले के दूसरे दिन नेत्रदान जागरूकता अभियान और सावन सिंधारा-झूलोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रांची की महापौर रोशनी खलको और उपमहापौर नीरज कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
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नेत्र विशेषज्ञ डॉ. भारती कश्यप ने नेत्रदान के महत्व की जानकारी देते हुए बताया कि मरणोपरांत छह घंटे के भीतर नेत्रदान किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मृत्यु के बाद आंखों को बंद कर उन पर रूई रखनी चाहिए और कमरे में एसी चलाकर आंखों को सुरक्षित रखा जा सकता है। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति के दो नेत्र दो लोगों को नई रोशनी दे सकते हैं।
नेत्रदान के लिए लोगों ने भरे संकल्प पत्र
कार्यक्रम के दौरान महापौर रोशनी खलको, उपमहापौर नीरज कुमार, अग्रवाल सभा के पदाधिकारियों और अन्य उपस्थित लोगों ने नेत्रदान के संकल्प पत्र भरे। मेले में पूरे दिन नेत्रदान जागरूकता और पंजीकरण अभियान भी चलाया गया। उपमहापौर नीरज कुमार ने डॉ. भारती कश्यप से शहर के सभी 53 वार्डों में नेत्र जांच शिविर और जागरूकता अभियान चलाने की अपील की। वहीं महापौर रोशनी खलको ने कहा कि नेत्रदान का संदेश घर-घर तक पहुंचाने के लिए लोगों को समाज के बीच जाकर जागरूक करना होगा।
झूलोत्सव और खरीदारी का रहा आकर्षण
महिलाओं ने सावन सिंधारा और झूलोत्सव में उत्साहपूर्वक भाग लिया। सावन गीतों पर नृत्य, झूला, अंताक्षरी और विभिन्न खेलों का आयोजन किया गया। विजेताओं को पुरस्कृत भी किया गया और सभी ने पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लिया। मेले में 100 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जहां जयपुरिया ज्वेलरी, बनारसी और भागलपुरी साड़ियां, शादी के लहंगे, सलवार सूट, राखियां, बच्चों के परिधान, पूजा सामग्री, हस्तशिल्प उत्पाद, अचार, पापड़, बड़ी, मुरब्बा समेत विभिन्न शहरों की विशेष वस्तुओं की खरीदारी के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंचीं।




