रांची शहरी क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधिमंडल ने ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह से मुलाकात कर आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में संलग्न तीन पहिया मालवाहक वाहनों को नो-एंट्री अवधि में प्रवेश एवं परिचालन की अनुमति देने का आग्रह किया।
चैम्बर अध्यक्ष तुलसी पटेल ने कहा कि वर्तमान में रांची शहरी क्षेत्र में सुबह 9 से 11 बजे तथा और शाम में 5 से 7 बजे तक नो-एंट्री व्यवस्था प्रभावी है। इसके कारण आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करनेवाले छोटे मालवाहक वाहनों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
पूर्व में ऐसे वाहनों को नो-एंट्री अवधि में परिचालन की अनुमति दी जाती रही है, जिसकी अवधि समाप्त होने के बाद उसका विस्तार नहीं किया गया। यह भी कहा गया कि पूर्व में शहर में फ्लाईओवर निर्माण के कारण यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह अनुमति नहीं दी गई थी। वर्तमान में तीनों फ्लाईओवर का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है तथा यातायात व्यवस्था भी सामान्य है। ऐसे में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति से जुड़े तीन पहिया मालवाहक वाहनों को पूर्व की भांति नो-एंट्री में प्रवेश की अनुमति प्रदान करने पर विचार किया जाना चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी सुझाव दिया कि यदि सुबह में नो-एंट्री अवधि में अनुमति देना संभव नहीं हो, तो कम से कम शाम में 5 से 7 बजे की अवधि में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करनेवाले तीन पहिया मालवाहक वाहनों को छूट प्रदान की जाए। ट्रैफिक एसपी ने सुझावों की समीक्षा कर, उचित निर्णय के लिए आश्वस्त किया।
इस अवसर पर चैंबर अध्यक्ष तुलसी पटेल, उपाध्यक्ष विकास विजयवर्गीय, महासचिव रोहित अग्रवाल, सह सचिव अमित शर्मा, पूजा ढाढा, कार्यकारिणी सदस्य विनीता सिंघानिया, अमित अग्रवाल, जेटा के अध्यक्ष संजय जौहर, सचिव दीपक मुरारका, सह सचिव मधुकर सिंघानिया, रांची गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रभाकर सिंह, सुनील सिंह चौहान, प्लाइवुड एंड गिलास एसोसिएशन के सचिव हेमंत पटेल, रासमा से अरविन्द जालान, हर्ष खंडेलवाल, आदित्य शर्मा और झारखण्ड प्रगतिशील मजदुर यूनियन से विक्रम सिंह शामिल थे।









