पटना। बिहार सरकार ने राज्य की स्कूली शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बिहार शिक्षा परियोजना परिषद (बीईपीसी) के सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से सभी योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
चयनितविद्यार्थी और शिक्षकों कोगांधीनगर में मिलेगाAI का प्रशिक्षण
बैठक में बताया गया कि राज्य के चयनित 8,700 विद्यार्थी और शिक्षकों को चरणबद्ध तरीके से गुजरात के गांधीनगर भेजा जाएगा, जहां उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि नई तकनीकों से छात्रों और शिक्षकों को जोड़ना समय की आवश्यकता है। इससे विद्यार्थियों के कौशल विकास को नई दिशा मिलेगी और वे भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे।
समीक्षा बैठक में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी नेली जानकारी
समीक्षा के दौरान पीएमश्री और समग्र शिक्षा योजना के तहत संचालित कार्यों की भी जानकारी ली गई। अधिकारियों ने बताया कि सरस्वती विद्या निकेतन के रूप में विकसित किए जा रहे मॉडल स्कूलों में रंगरोगन, बिजली, पेयजल और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े सभी कार्य 20 जुलाई तक पूरे कर लिए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य इन विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।
आवासीय विद्यालय के विकास कार्यों की भी हुई समीक्षा
बैठक में सिमुलतला आवासीय विद्यालय के विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। शिक्षा मंत्री ने बताया कि तीन अगस्त के बाद सिमुलतला सोसाइटी बोर्ड की बैठक बुलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि विद्यालय में अनुशासन और शैक्षणिक गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए सेना के सेवानिवृत्त अधिकारी को प्राचार्य नियुक्त करने के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
सभी योजनाओं को तय समय सीमा में पूरा करने का सख्त निर्देश
शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी योजनाओं को तय समय सीमा में पूरा किया जाए और किसी भी स्तर पर अनियमितता मिलने पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ विद्यार्थियों तक समय पर पहुंच सके।




