रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की भर्ती प्रक्रिया को लेकर जारी विवाद के बीच भाजपा नेता और पूर्व विधायक सीता सोरेन ने 22 जुलाई को प्रस्तावित आंदोलन का समर्थन करते हुए युवाओं से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने JPSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया।
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सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी संदेश में सीता सोरेन ने कहा कि JPSC परीक्षा में कथित धांधली ने छात्रों और युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है। उन्होंने लिखा, “JPSC परीक्षा में लगातार हो रही धांधली ने हमारे छात्र-युवाओं के सपनों को कुचल दिया है। अब चुप नहीं बैठेंगे।”
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC)में नौकरियों का व्यापार बंद करो! ❌
— Sita Soren (@SitaSorenMLA) July 20, 2026
झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य को बेचने वाली भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ अब चुप नहीं बैठेंगे!! 😡
JPSC परीक्षा में लगातार हो रही धांधली ने हमारे छात्र-युवाओं के सपनों को कुचला है!!
युवाओं की आवाज बनकर 22 जुलाई 2026… pic.twitter.com/vcVtmD9Dk0
22 जुलाई को JPSC कार्यालय घेराव
भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के बैनर तले 22 जुलाई 2026 को सुबह 10 बजे जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से JPSC कार्यालय तक विरोध मार्च और घेराव का कार्यक्रम प्रस्तावित है। आंदोलन के पोस्टर में “छात्रों की हुंकार, अब नहीं सहेंगे रोजगार का व्यापार” का नारा दिया गया है। BJYM ने राज्यभर के छात्रों और युवाओं से इसमें शामिल होने की अपील की है।
भर्ती प्रक्रिया पर क्या हैं आरोप?
JPSC की 14वीं संयुक्त असैनिक सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 का परिणाम जारी होने के बाद कुछ अभ्यर्थियों और विपक्षी दलों ने भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। आरोपों में परिणाम पर सभी सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं होने का दावा, कट-ऑफ अंक सार्वजनिक नहीं करने, अनारक्षित श्रेणी में बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों के चयन और OMR शीट के मूल्यांकन में कथित अनियमितताओं जैसे मुद्दे शामिल हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और आयोग की ओर से इस संबंध में कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
CBI जांच की मांग
भाजपा और अन्य विपक्षी दलों ने पूरे मामले की CBI जांच कराने और प्रस्तावित मुख्य परीक्षा को स्थगित करने की मांग की है। वहीं, अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि योग्य उम्मीदवारों के साथ न्याय सुनिश्चित हो सके।
