रांची : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता सीता सोरेन ने सोमवार को झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात कर संथाल परगना की विभिन्न समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने दुमका समेत पूरे संथाल क्षेत्र के साथ राज्य सरकार पर सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया और राज्यपाल से दुमका में प्रवास करने का आग्रह किया।
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राजभवन से बाहर मीडिया से बातचीत में सीता सोरेन ने आरोप लगाया कि “संथाल परगना के आदिवासियों को मुख्यमंत्री भूल चुके हैं।” उन्होंने कहा कि जामलाड़ा क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है, जिसके कारण लोगों का पलायन जारी है।
कानून-व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं पर उठाए सवाल
सीता सोरेन ने आरोप लगाया कि राज्य में लोगों को नक्सली बताकर एनकाउंटर किया जा रहा है और सरकार इस पर गंभीर नहीं है। उन्होंने जामताड़ा अस्पताल में गर्भवती महिला और उसके नवजात की मौत के मामले की जांच कराने की मांग की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस घटना के खिलाफ आवाज उठाने पर भाजपा के जामताड़ा जिला अध्यक्ष के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। उनके मुताबिक, सरकार विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
निवेश और विकास को लेकर भी सरकार पर निशाना
सीता सोरेन ने कहा कि राज्य में विकास के दावे केवल कागजों तक सीमित हैं और पलायन आज भी जारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार समय-समय पर निवेश के बड़े दावे करती है, लेकिन उनके नतीजे जनता के सामने नहीं आते। उन्होंने दावोस यात्रा और हाल ही में दिल्ली में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि इन आयोजनों से राज्य को क्या लाभ मिला। उनके अनुसार, सरकार जनता को विकास के नाम पर भ्रमित कर रही है।

