दौसा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, 8 की मौत, 29 जख्मी

दौसा : राजस्थान के दौसा जिले में भोरे-भोर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सड़क हादसा हो गया। कोलवा थाना क्षेत्र के धनावड़ के पास जीरो प्वाइंट पर ऋषिकेश से इंदौर जा रही एक स्लीपर बस आगे चल रहे ट्रक से टकरा गई। टक्कर के तुरंत

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दौसा : राजस्थान के दौसा जिले में भोरे-भोर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सड़क हादसा हो गया। कोलवा थाना क्षेत्र के धनावड़ के पास जीरो प्वाइंट पर ऋषिकेश से इंदौर जा रही एक स्लीपर बस आगे चल रहे ट्रक से टकरा गई। टक्कर के तुरंत बाद बस में आग लग गई, जिससे आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि 29 यात्री घायल हो गए। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और राहत-बचाव अभियान शुरू किया गया।

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पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित ने घटनास्थल का निरीक्षण कर बताया कि घायलों में बच्चे भी शामिल हैं, जिनका इलाज दौसा जिला अस्पताल में चल रहा है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि बस चालक को नींद की झपकी आने के कारण हादसा हुआ, हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच जारी है।

आग लगने से बढ़ा हादसे का दायरा

एडिशनल एसपी योगेंद्र फौजदार के अनुसार, हादसा तड़के करीब तीन बजे हुआ। अब तक छह शव जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाए जा चुके हैं, जबकि मामूली रूप से घायल यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। उन्होंने बताया कि बस में 39 से अधिक यात्रियों के सवार होने का अनुमान है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। हादसे में ट्रेलर का चालक और उसका खलासी भी घायल हुए हैं।

प्रशासन के अनुसार, टक्कर इतनी तेज थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और कुछ ही देर में उसमें आग फैल गई। छह यात्रियों की मौके पर ही जिंदा जलने से मौत हो गई, जबकि दो अन्य ने सिर में गंभीर चोट लगने के कारण दम तोड़ दिया। जिला कलेक्टर डॉ. सौम्या झा ने बताया कि करीब 24 से 25 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। उन्होंने कहा कि मृतकों की अंतिम संख्या की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी।

राहत कार्य पर उठे सवाल, नेताओं ने जताया शोक

हादसे के बाद राहत एवं बचाव कार्य को लेकर भी सवाल उठे हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना मिलने के बावजूद फायर ब्रिगेड करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंची। उनका कहना है कि यदि दमकल समय पर पहुंच जाती तो बस में फंसे कई यात्रियों की जान बचाई जा सकती थी। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है और मामले की जांच जारी है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया पर हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। दौसा सांसद मुरारीलाल मीना ने भी घटना पर दुख व्यक्त करते हुए यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की बात कही।

राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने भी हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया और दिवंगतों की आत्मा की शांति तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इस दुर्घटना को दुखद बताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की।

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