रांची: झारखंड के सीएम सह नगर विकास मंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य की नगरपालिकाओं, विशेष तौर पर मानगो नगर निगम और जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति की लचर कार्यशैली पर नराजगी जताई है। सीएम ने दो टूक शब्दों में कहा है कि ये निकाय वैधानिक संस्थाओं की तरह काम करने के बजाय सिर्फ ‘जुगाड़ तंत्र’ के सहारे चल रहे हैं। कचरा निष्पादन को लेकर अधिकारियों का रवैया अमानवीय और पूरी तरह जनविरोधी है, जिसे अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुहल्लों में पसरा कचरा
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने साफ किया कि सफाई ठेकेदारों पर कोई नियंत्रण नहीं होने के कारण आज रिहायशी मोहल्लों में कूड़े के ढेर पसरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि साफ-सफाई के मुद्दों पर राजनीति करने वाले कुछ तथाकथित रीलबाज किरदार सरकार के प्रभाव का झूठा हवाला देकर नगरपालिका के अधिकारियों को डरा-धमका रहे हैं। सीएम ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि नगर निकायों को पानी, सफाई, सड़क और बिजली जैसी बुनियादी जनसुविधाओं के मामले में बिना किसी डर या दबाव के पारदर्शी तरीके से काम करना चाहिए। जनता को उनके हाल पर नहीं छोड़ा जा सकता।
मोह छोड़िए और कड़े कदम उठाइए
मुख्यमंत्री ने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि जनसुविधाएं मुहैया कराने के मामले में किसी भी तरह का गठबंधन मोह या तेरा-मेरा का भाव आड़े नहीं आना चाहिए। अधिकारियों को आगाह करते हुए उन्होंने कहा कि जिन निकायों का काम शहर को साफ-सुथरा रखना है, वे खुद शहर को नरक बना रहे हैं। इस स्थिति को तुरंत पलटना होगा.।जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए एक मजबूत और प्रभावी प्रशासनिक तंत्र खड़ा करना होगा, तभी जन-आशीर्वाद हासिल किया जा सकता है।



