नई दिल्ली : NEET 2026 पेपर लीक मामले को लेकर आंदोलन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में संगठन ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की रिहाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तथा NEET अभ्यर्थियों की आत्महत्या करने वाले प्रत्येक छात्र के परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की।
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CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। संगठन ने कहा कि जंतर-मंतर पर उसका आंदोलन जारी है। 6 जून से शांतिपूर्ण प्रदर्शन की शुरुआत हुई थी, जिसके बाद देश के विभिन्न शहरों में भी शांतिपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए गए।
शिक्षा मंत्री पर लगाए गंभीर आरोप
ज्ञापन में CJP ने दावा किया कि देश के युवा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कामकाज से असंतुष्ट हैं। संगठन का आरोप है कि NEET 2026 पेपर लीक, CBSE 12वीं पोर्टल में आई अव्यवस्था और CUET परीक्षा में देरी जैसे मामलों के लिए शिक्षा मंत्री जिम्मेदार हैं। CJP ने अपने रिकॉर्ड का हवाला देते हुए दावा किया कि NEET 2026 पेपर लीक के बाद 21 छात्रों ने आत्महत्या की। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि हाल के समय में कई परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए, परीक्षाएं टलीं या तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ा, लेकिन परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।
आंदोलन और सरकार के बीच हुई बातचीत
CJP के अनुसार, संगठन ने 20 जून से अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया था, जिसमें शिक्षाविद और पर्यावरणविद सोनम वांगचुक भी शामिल हुए। संगठन का कहना है कि सरकार की ओर से प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर सोनम वांगचुक ने 28 जून से भूख हड़ताल शुरू की, जो 20 जुलाई तक जारी रही। ज्ञापन में CJP ने सोनम वांगचुक की बिना किसी प्रतिबंध के रिहाई, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, NEET 2026 पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस द्वारा बल प्रयोग रोकने की मांग की।
इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि सोमवार सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार से बातचीत का प्रस्ताव आया। उन्होंने कहा कि सुबह 11:50 बजे से बातचीत शुरू हुई और प्रतिनिधिमंडल के साथ सौहार्दपूर्ण माहौल में विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदर्शनकारियों ने शाम करीब चार बजे उन्हें लिखित ज्ञापन सौंपा और उन्होंने सभी प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त कर सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।




