थाने में महिला से कथित दुष्कर्म पर चंपाई सोरेन ने उठाये सवाल पुलिस की जवाबदेही तय करने की मांग

सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाने में महिला के साथ कथित दुष्कर्म की घटना को लेकर पूर्व सीएम चंपाई सोरेन ने राज्य सरकार और पुलिस महकमे को घेरा है।उन्होंने घटना को लेकर पुलिस प्रशासन की कार्यशैली और जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस थाने

पूर्व सीएम चंपाई सोरेन

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सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया  थाने में महिला के साथ कथित दुष्कर्म की घटना को लेकर पूर्व सीएम चंपाई सोरेन ने राज्य सरकार और पुलिस महकमे को घेरा है।उन्होंने घटना को लेकर पुलिस प्रशासन की कार्यशैली और जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस थाने में पीड़ितों को सुरक्षा और न्याय मिलना चाहिए, वहीं, महिला के साथ इस तरह की घटना के आरोप सामने आना बेहद गंभीर है।

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चंपाई सोरेन ने कहा कि घरेलू विवाद की शिकायत लेकर थाने पहुंची महिला के साथ कथित तौर पर पुलिसकर्मी ने ही दुष्कर्म किया. यह मामला पुलिस व्यवस्था की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।उन्होंने सवाल किया कि यदि फरियाद लेकर थाने पहुंचने वाली महिला ही वहां सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिक पुलिस से सुरक्षा की उम्मीद कैसे करेगा। जिस व्यवस्था पर लोगों की रक्षा का दायित्व है, उसी के एक कर्मचारी पर इस तरह का आरोप लगना चिंताजनक है

मिली जानकारी के अनुसार, पति के साथ विवाद के बाद महिला शिकायत दर्ज कराने गम्हरिया थाने पहुंची थी। आरोप है कि वहां तैनात एक वायरलेस ऑपरेटर ने उसके साथ दुष्कर्म किया। महिला ने विरोध करते हुए शोर मचाया, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों पर भी उसकी सहायता नहीं करने का आरोप है।

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घटना के बाद महिला ने अपने पति को इसकी जानकारी दी और पुलिस में शिकायत दर्ज करायी। मामले में आरोपी पुलिसकर्मी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. वहीं, पूरे प्रकरण की जांच के लिए एसआइटी गठित की गयी है। लापरवाही के आरोप में अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गयी है।

पूर्व सीएम ने कहा कि इस मामले में केवल निलंबन जैसी विभागीय कार्यवाही पर्याप्त नहीं होगी। आरोपित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए और दोषी पाये जाने वालों को सेवा से बर्खास्त किया जाना चाहिए। साथ ही, यह भी जांच होनी चाहिए कि घटना के समय थाने में मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने पीड़िता की मदद क्यों नहीं की।

चंपाई सोरेन ने वरीय पुलिस अधिकारियों की भूमिका की भी जांच करने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से महिलाओं का पुलिस व्यवस्था पर भरोसा कमजोर होता है।  थाने में शिकायत दर्ज कराने पहुंचने वाली हर महिला की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की पहली जिम्मेदारी है।

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