जनगणना 2026 : कुड़मी धर्म और कुड़माली भाषा कोड की मांग, सांसदो संग मिले ORGI से

नई दिल्ली : आगामी जनगणना-2026 में “कुड़मी/सरना-कुड़मी धर्म” के लिए पृथक धर्म कोड और “कुड़मी/कुड़माली” के लिए पृथक भाषा कोड की मांग को लेकर आदिवासी कुड़मी समाज की केंद्रीय समिति का एक प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली पहुंचा। सांसद बिद्युत वरण महतो, सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी और

कुड़मी धर्म

नई दिल्ली : आगामी जनगणना-2026 में “कुड़मी/सरना-कुड़मी धर्म” के लिए पृथक धर्म कोड और “कुड़मी/कुड़माली” के लिए पृथक भाषा कोड की मांग को लेकर आदिवासी कुड़मी समाज की केंद्रीय समिति का एक प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली पहुंचा। सांसद बिद्युत वरण महतो, सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी और सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल ने भारत के रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त (ORGI) से मुलाकात कर उन्हें एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

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धार्मिक और भाषाई पहचान दर्ज करने की मांग

प्रतिनिधिमंडल ने भारत के रजिस्ट्रार जनरल को अवगत कराया कि कुड़मी समाज झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार, असम और छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों में रहने वाला एक विशिष्ट सांस्कृतिक एवं भाषाई समुदाय है। वर्तमान जनगणना प्रपत्रों में अलग कोड की व्यवस्था न होने के कारण इस समुदाय की धार्मिक और भाषाई पहचान स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं हो पाती है, जिससे उनकी वास्तविक जनसांख्यिकीय स्थिति सामने नहीं आ पाती। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि कुड़माली भाषा की अपनी समृद्ध लोक परंपरा, साहित्य, व्याकरण और सांस्कृतिक विरासत है, तथा विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में इसके पठन-पाठन की शुरुआत भी हो चुकी है। इसी प्रकार, इस समुदाय की पारंपरिक प्रकृति-पूजक आस्था और धार्मिक परंपराओं को भी स्वतंत्र पहचान मिलनी आवश्यक है।

संवैधानिक प्रावधानों का दिया गया हवाला

प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों को ध्यान दिलाया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 29, 30, 350ए और 350बी देश की भाषाई व सांस्कृतिक विविधता के संरक्षण की भावना को सुदृढ़ करते हैं। इसलिए जनगणना में समुदाय की स्व-घोषित धार्मिक और भाषाई पहचान को पृथक रूप से दर्ज करने की व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार और संबंधित विभाग से आग्रह किया कि जनगणना-2026 के प्रपत्रों और दिशा-निर्देशों में आवश्यक संशोधन करते हुए “कुड़मी/सरना-कुड़मी धर्म” और “कुड़मी/कुड़माली” भाषा के लिए पृथक कोड सुनिश्चित किए जाएं।

प्रतिनिधिमंडल में ये प्रमुख लोग रहे मौजूद

रजिस्ट्रार जनरल से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में सांसदों के अलावा आदिवासी कुड़मी समाज के अजीत प्रसाद महतो, शशांक शेखर महतो, कमलेश महतो, कृष्णा पद महतो, प्रेमचंद महतो, आनंद महथा, राधा नाथ महतो और वनमाली महतो प्रमुख रूप से शामिल थे।

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