झारखंड में नक्सलवाद को बड़ा झटका, 18 से अधिक माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण

रांची : झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच सुरक्षाबलों को एक बड़ी सफलता मिली है। जानकारी के अनुसार, भाकपा माओवादी संगठन से जुड़े 18 से अधिक नक्सलियों ने झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। बताया जा

आत्मसमर्पण

रांची : झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच सुरक्षाबलों को एक बड़ी सफलता मिली है। जानकारी के अनुसार, भाकपा माओवादी संगठन से जुड़े 18 से अधिक नक्सलियों ने झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। बताया जा रहा है कि इनमें 16 नक्सली कोल्हान क्षेत्र और दो अन्य दूसरे इलाकों में सक्रिय थे। हालांकि, इस संबंध में अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

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लगातार चल रहे सुरक्षा अभियानों, बढ़ते दबाव और राज्य सरकार की आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर इन नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया है। सुरक्षा एजेंसियां इसे नक्सल विरोधी अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि मान रही हैं।

पुलिस मुख्यालय में हो सकता है आधिकारिक कार्यक्रम

सूत्रों के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों का आधिकारिक कार्यक्रम अगले दो से तीन दिनों के भीतर रांची स्थित झारखंड पुलिस मुख्यालय में आयोजित किया जा सकता है। इस दौरान उनके आत्मसमर्पण की औपचारिक घोषणा किए जाने की संभावना है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों के सामने चुनौती अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, राज्य में अब भी 30 इनामी नक्सली सक्रिय हैं, जिनकी तलाश में संयुक्त अभियान लगातार जारी है।

लगातार अभियान से कमजोर हो रहा माओवादी नेटवर्क

हाल के महीनों में झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई से माओवादी संगठन को लगातार झटके लगे हैं। हाल ही में एक करोड़ रुपये के इनामी माओवादी नेता मिसिर बेसरा के करीबी सहयोगी अजय महतो उर्फ टाइगर को गिरिडीह-बोकारो सीमा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था। इस कार्रवाई को संगठन के लिए बड़ा नुकसान माना गया। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि कोल्हान क्षेत्र में माओवादी नेटवर्क काफी हद तक कमजोर हुआ है। हालांकि, शीर्ष माओवादी नेता मिसिर बेसरा अब भी फरार है और लगातार अपना ठिकाना बदलकर सुरक्षाबलों से बचने की कोशिश कर रहा है।

ऑपरेशन नवजीवन का दिख रहा असर

सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, आत्मसमर्पण की बढ़ती घटनाओं के पीछे झारखंड पुलिस के ऑपरेशन नवजीवन का भी महत्वपूर्ण योगदान माना जा रहा है। इससे पहले 21 मई को भाकपा माओवादी संगठन के 25 और जेजेएमपी के दो उग्रवादियों समेत कुल 27 उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया था। उस दौरान आत्मसमर्पण करने वालों में केंद्रीय कमेटी के सदस्य मिसिर बेसरा और असीम मंडल के दस्ते से जुड़े कई सक्रिय कमांडर भी शामिल थे। इन उग्रवादियों ने 16 आधुनिक हथियार और 2,857 गोलियां भी पुलिस को सौंपी थीं।

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