रांची : झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है और मामले की निष्पक्ष जांच के बजाय उसे दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की।
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मरांडी ने दावा किया कि वर्तमान में राज्य में एक अधिकारी बनने के लिए कथित तौर पर 40 लाख रुपये तक की अवैध वसूली की जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रारंभिक परीक्षा (PT) के लिए 5 लाख रुपये, मुख्य परीक्षा (Mains) के लिए 25 लाख रुपये और साक्षात्कार (Interview) के लिए 10 लाख रुपये लिए जाते हैं। हालांकि, उन्होंने इन आरोपों के समर्थन में कोई सार्वजनिक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।
CBI जांच और FIR को लेकर उठाए सवाल
बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि JPSC मामले में चल रही CID जांच का उद्देश्य वास्तविक दोषियों तक पहुंचना नहीं, बल्कि सबूतों को प्रभावित करना है। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री पूरी तरह निर्दोष हैं तो उन्हें CBI जांच से आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज करने और पूरे मामले की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्राथमिकी को जानबूझकर कमजोर बनाया गया है, ताकि आरोपियों को कानूनी राहत मिल सके। साथ ही उन्होंने CID के अपर महानिदेशक मनोज कौशिक की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए और जांच की निष्पक्षता पर संदेह जताया।
JPSC अध्यक्ष और भर्ती प्रक्रिया पर भी लगाए आरोप
मरांडी ने कहा कि कर्नाटक के एक छात्र ने जनवरी में तत्कालीन JPSC अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते को कथित OMR शीट गड़बड़ी और TDPL के एक कर्मचारी से जुड़े आरोपों की जानकारी पत्र के माध्यम से दी थी, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने मांग की कि एल. ख्यांग्ते के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड की अधिकांश भर्ती परीक्षाएं विवादों में रही हैं और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुधार आवश्यक हैं। उनके अनुसार यदि चयन प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं होगी तो राज्य को योग्य और ईमानदार अधिकारी नहीं मिल पाएंगे।
नोट: इस खबर में उल्लिखित सभी आरोप नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा प्रेस वार्ता के दौरान लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित राज्य सरकार, CID, JPSC तथा जिन व्यक्तियों का उल्लेख किया गया है, उनका पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।




