रांची : झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रांची में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के बजाय मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।
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मरांडी ने दावा किया कि JPSC परीक्षा में कथित तौर पर जानबूझकर गड़बड़ियां कराई जाती हैं और पूरे मामले में सरकार की कार्रवाई केवल “लीपापोती” तक सीमित है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है तथा सीआईडी जांच का उद्देश्य वास्तविक दोषियों तक पहुंचने के बजाय मामले को प्रभावित करना है।
निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यदि भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार और कथित अनियमितताओं पर रोक नहीं लगी, तो राज्य को योग्य और ईमानदार अधिकारी नहीं मिल पाएंगे। उन्होंने JPSC से जुड़े पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग की। प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने अभय तिवारी से जुड़े कथित धन उगाही के आरोपों की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। साथ ही कहा कि JPSC अध्यक्ष एल. ख्यांगते के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
जांच प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल
बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि प्रारंभिक परीक्षा (PT), मुख्य परीक्षा (Mains) और साक्षात्कार (Interview) के दौरान कथित रूप से लाखों रुपये की अवैध वसूली होती है और झारखंड में अधिकारी बनने के लिए भारी रकम लेने की बातें सामने आती रही हैं। हालांकि, उन्होंने इन आरोपों के समर्थन में कोई सार्वजनिक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई और कमजोर एफआईआर तैयार कर आरोपियों को कानूनी राहत दिलाने की कोशिश की जा रही है। इसके अलावा उन्होंने सीआईडी के अपर महानिदेशक मनोज कौशिक पर भी जांच को प्रभावित करने का आरोप लगाया।
नोट: इस खबर में उल्लिखित सभी आरोप नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित राज्य सरकार, सीआईडी, झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) तथा जिन व्यक्तियों के नाम लिए गए हैं, उनका पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।




