जमशेदपुर : कारगिल विजय दिवस की रजत जयंती के अवसर पर रविवार को पूर्वी सिंहभूम के गोलमुरी शहीद स्थल पर अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद की ओर से श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि कैप्टन अमित जायसवाल ने कारगिल युद्ध के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनके बलिदान को देश कभी नहीं भुला सकता। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध में भारतीय सैनिकों ने दुर्गम पहाड़ियों पर अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम का परिचय दिया। यह विजय भारतीय सेना के अद्वितीय साहस का प्रतीक है और आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा बनी रहेगी।
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शहीदों को पुष्पांजलि, गूंजे ‘वीर शहीद अमर रहें’ के नारे
कार्यक्रम की शुरुआत शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस दौरान “वीर शहीद अमर रहें” के नारों के बीच कारगिल युद्ध में शहीद हुए 527 जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों और नागरिकों ने शहीदों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। कैप्टन अमित जायसवाल ने कहा कि पूर्व सैनिकों द्वारा इस तरह के आयोजन शहीदों की स्मृति को जीवंत रखने और समाज में राष्ट्रप्रेम की भावना मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि शहीदों के सम्मान का यह प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायी है।
युवाओं से राष्ट्रभक्ति अपनाने की अपील
अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के जिला महामंत्री जितेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि कारगिल युद्ध भारतीय सेना की वीरता, संकल्प और समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं से देशभक्ति की भावना को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया और कैप्टन विक्रम बत्रा के प्रेरणादायक शब्दों का उल्लेख किया। पूर्व सैनिक हवलदार बिरजू कुमार ने कहा कि परिषद हमेशा देश के वीर शहीदों और युद्ध नायकों के सम्मान के लिए समर्पित रहेगी। उन्होंने कारगिल विजय को भारतीय सेना के अदम्य साहस और अटूट संकल्प की ऐतिहासिक मिसाल बताया।
समारोह में जितेंद्र कुमार सिंह, बिरजू कुमार, मनोज सिंह, दीपक शर्मा, जसबीर सिंह, सत्येंद्र कुमार सिंह, कृष्ण मोहन सिंह, शशि गौतम लाल, राजीव कुमार, रामबाबू सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।




