लखीसराय : लखीसराय के प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर परिसर में सावन की तीसरी सोमवारी पर एक बड़ा हादसा हो गया। मंदिर में पूजा-अर्चना और जलाभिषेक के लिए जुटी भारी भीड़ के बीच करंट की चपेट में आने से अब तक 7 महिलाओं की मौत की पुष्टि हो चुकी है। इस हादसे में कई अन्य लोग घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। इस घटना के बाद मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में अफरातफरी मच गई। हादसे के तुरंत बाद घायलों को अस्पताल ले जाया गया। प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। अब हादसे में घायल लोगों की पहचान भी सामने आने लगी है।
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कैसे हुई घटना?
हादसे में घायल होने वालों में मौसम कुमारी (पिता- ललन राम, निवासी लक्ष्मीपुर), मुस्कान कुमारी (पिता- ललन राम, निवासी विद्यापीठ चौक), ममता देवी (पति- धारो यादव, निवासी चननिया, लखीसराय), विमला देवी (पति- विनोद राम, निवासी मोकामा), रीना कुमारी (पति- राजेश सिंह, निवासी बभंगामा, लखीसराय), शिवानी कुमारी (पिता- रामेश्वर राम, निवासी फरीदाबाद, लखीसराय) और कबीला देवी (पिता का नाम अज्ञात, निवासी बाढ़) शामिल हैं। घायलों में कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है और चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। प्रशासन लगातार घायलों की स्थिति और उनके इलाज की जानकारी जुटा रहा है।
हादसे में जान गंवाने वाली महिलाओं में से अब तक चार की पहचान हो चुकी है। मृतकों में मधुबाला देवी (पति- निरंजन कुमार सिंह, निवासी बड़हिया), मनमाला देवी (पति- निरंजन कुमार, निवासी बड़हिया), रिंकू देवी (पति- नीरज यादव, निवासी सफिया सराय, मुंगेर) और हेमलता देवी (पति- सुरेंद्र यादव, निवासी प्रतापपुर, हलसी, लखीसराय) शामिल हैं। अन्य मृत महिलाओं की पहचान की प्रक्रिया अभी जारी है। प्रशासन और पुलिस परिजनों से संपर्क कर मृतकों की पहचान कराने में जुटे हैं। पहचान पूरी होने के बाद शवों को परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया की जाएगी।
प्रशासन ने क्या कहा?
सावन की सोमवारी होने के कारण अशोक धाम मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। इसी दौरान करंट लगने की घटना से अचानक भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। लोग अपने परिजनों और परिचितों को तलाशते नजर आए। घटना के बाद प्रशासन ने मौके पर सुरक्षा व्यवस्था को संभाला और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान घायलों के इलाज, मृतकों की पहचान और परिजनों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर है। बिजली आपूर्ति और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। हादसा किस परिस्थिति में हुआ और करंट का स्रोत क्या था, इसकी विस्तृत जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। सावन की भीड़ के बीच हुई इस घटना ने मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।








