खूंटी : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की बिरसा कॉलेज खूंटी इकाई ने शनिवार को झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में धरना और प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का नेतृत्व ABVP झारखंड के प्रदेश मंत्री प्रकाश टूटी ने किया। धरना के माध्यम से परिषद ने भर्ती प्रक्रियाओं की निष्पक्ष जांच कराने, पारदर्शी भर्ती व्यवस्था लागू करने और लंबे समय से रिक्त पदों पर जल्द नियुक्ति शुरू करने की मांग उठाई।
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प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और ABVP कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर जेपीएससी-जेएसएससी की सीबीआई जांच कराने, युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद करने और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया लागू करने की मांग की।
भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्षता पर उठाए सवाल
धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश मंत्री प्रकाश टूटी ने कहा कि झारखंड के युवा कई वर्षों तक कड़ी मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठने से लाखों युवाओं का भरोसा प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी अवसर उपलब्ध कराना सरकार और संबंधित संस्थाओं की जिम्मेदारी है। भर्ती प्रक्रिया में किसी भी तरह की कथित अनियमितता की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। प्रकाश टूटी ने मांग की कि यदि जांच के दौरान किसी भी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
रिक्त पदों पर जल्द नियुक्ति की मांग
ABVP ने विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में लंबे समय से खाली पड़े तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर जल्द नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की मांग भी की। परिषद ने राज्य सरकार से लंबित नियुक्तियों के लिए स्पष्ट कैलेंडर जारी करने की अपील की। संगठन का कहना है कि भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और युवाओं का विश्वास बहाल करने के लिए जरूरी सुधार लागू किए जाने चाहिए।
मांगों पर पहल नहीं हुई तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
ABVP ने कहा कि विद्यार्थियों और अभ्यर्थियों की मांगों पर यदि गंभीरता से पहल नहीं की गई तो राज्यभर में लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। परिषद ने राज्य सरकार और संबंधित भर्ती संस्थाओं से भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने तथा युवाओं के हितों से जुड़े मुद्दों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की।




