रांची : राजधानी रांची को हराभरा बनाने और झारखंड की प्राकृतिक विरासत के संरक्षण के उद्देश्य से रांची नगर निगम 8 अगस्त को सखुआ महोत्सव आयोजित करेगा। इस दौरान निगम क्षेत्र में 10 हजार सखुआ के पौधे लगाए जाने की योजना है। सखुआ महोत्सव की तैयारियों को लेकर शनिवार को रांची नगर निगम के सभागार में महापौर रोशनी खलखो की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। बैठक में उपमहापौर नीरज कुमार के साथ सभी वार्डों के पार्षद शामिल हुए। इस दौरान आयोजन की तैयारियों और पौधारोपण की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई।
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10 हजार सखुआ समेत कई प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे
बैठक के बाद महापौर रोशनी खलखो ने कहा कि रांची नगर निगम इस बार सखुआ महोत्सव को बड़े स्तर पर आयोजित करने को लेकर उत्साहित है। आयोजन से सामाजिक संगठनों, वार्ड पार्षदों और समाज के प्रबुद्ध लोगों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सामूहिक सहयोग से ऐसे स्थानों का चयन किया जाएगा, जहां बड़ी संख्या में पौधे लगाए जा सकें। सखुआ महोत्सव के दौरान सिर्फ सखुआ ही नहीं, बल्कि झारखंड की प्राकृतिक विरासत से जुड़े महुआ, पलाश, कुसुम और डाहू समेत कई प्रजातियों के पौधे भी लगाए जाएंगे। महापौर के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य झारखंड की जैव विविधता को सुरक्षित रखना और प्राकृतिक पर्यावरण के संरक्षण को बढ़ावा देना है।
इक्कीसी महादेव स्थल से होगी महोत्सव की शुरुआत
महापौर रोशनी खलखो ने बताया कि सखुआ महोत्सव पहले 1 अगस्त को आयोजित करने की योजना थी, लेकिन तैयारियां पूरी नहीं होने के कारण इसकी तिथि बढ़ाकर 8 अगस्त कर दी गई। महोत्सव की शुरुआत चुटिया स्थित इक्कीसी महादेव स्थल से की जाएगी। यहां साफ-सफाई और अन्य विकास कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। नगर निगम इस स्थान को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम कर रहा है। महापौर ने कहा कि इक्कीसी महादेव स्थल लंबे समय तक उपेक्षित रहा। अब साफ-सफाई और विकास कार्यों के बाद इसकी ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता सामने आ रही है। नगर निगम का उद्देश्य इस स्थान की पहचान को और मजबूत करना है।
एक महीने तक सभी वार्डों में चलेगा अभियान
सखुआ महोत्सव की शुरुआत इक्कीसी महादेव स्थल से होगी। इसके बाद एक महीने तक रांची के सभी वार्डों में चरणबद्ध तरीके से पौधारोपण और जनजागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में वार्ड पार्षदों के साथ सामाजिक संगठन भी सक्रिय रूप से भाग लेंगे। बैठक के दौरान सभी पार्षदों से अपने-अपने वार्ड में पौधारोपण के लिए उपयुक्त स्थान चिह्नित कर इसकी जानकारी नगर निगम को देने का आग्रह किया गया। नगर निगम का उद्देश्य पौधारोपण के साथ लोगों को पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय पेड़ों की उपयोगिता के प्रति जागरूक करना भी है।




