पटना : राजधानी पटना के विभिन्न पार्कों में जल्द ही 200 प्री-फैब्रिकेटेड दुकानें स्थापित की जाएंगी। इन दुकानों का संचालन जीविका (बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति) और पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड (पीएससीएल) के संयुक्त सहयोग से किया जाएगा। यहां सुधा बूथ सहित अन्य व्यावसायिक गतिविधियां शुरू की जाएंगी।
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इससे पहले जेपी गंगा पथ पर करीब 15.45 करोड़ रुपये की लागत से 500 दुकानों वाला वेंडिंग जोन विकसित करने की योजना बनाई गई थी। इसी परियोजना के तहत 200 प्री-फैब्रिकेटेड दुकानें भी तैयार कर ली गई थीं। हालांकि, इन दुकानों का डिजाइन गंगा नदी के दृश्य को प्रभावित कर रहा था। इसे देखते हुए योजना में बदलाव किया गया और दुकानों को वहां स्थापित नहीं करने का निर्णय लिया गया। फिलहाल इन दुकानों को गर्दनीबाग हाई स्कूल के पास सुरक्षित रखा गया है।
दीघा वेंडिंग जोन की योजना में बदलाव
दीघा गोलंबर के पास लगभग 1.93 एकड़ भूमि पर विकसित हो रहे आधुनिक वेंडिंग जोन की योजना में भी संशोधन किया गया है। पहले यहां 250 दुकानें बनाने का प्रस्ताव था, लेकिन अब केवल 50 बड़े और आधुनिक डिजाइन वाले मॉड्यूलर आउटलेट बनाए जाएंगे। इन आउटलेट्स के निर्माण पर लगभग 7.17 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री ने इस परियोजना का शिलान्यास किया है। यहां बड़े ब्रांडों के साथ स्थानीय वेंडरों को भी कारोबार का अवसर मिलेगा। साथ ही जेपी सेतु के नीचे गंगा किनारे दुकान लगाने वाले वेंडरों का पुनर्वास भी इसी वेंडिंग जोन में किया जाएगा।
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पर्यटन और नाइट लाइफ हब के रूप में होगा विकास
नगर निगम का उद्देश्य इस वेंडिंग जोन को केवल बाजार तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि इसे पर्यटन और नाइट लाइफ के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है। परियोजना के दूसरे चरण में फुट ओवरब्रिज, पार्किंग, आधुनिक शौचालय, शुद्ध पेयजल, पार्क और एंटरटेनमेंट जोन जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। वेंडिंग जोन के लिए भूमि समतलीकरण, पक्कीकरण, पेवर ब्लॉक बिछाने और ड्रेनेज निर्माण का कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है।
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