रांची। राज्य के सबसे बड़े और ऑटोनॉमस मेडिकल संस्थान RIMS की एकेडमिक काउंसिल की बैठक हुई। बैठक में संस्थान में शैक्षणिक विस्तार, मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण, आधारभूत संरचना के विकास के साथ साथ नए पाठ्यक्रमों एवं सेवाओं के विस्तार से जुड़े महत्वपूर्ण विषय पर विस्तृत चर्चा हुई।
रिम्स एकेडमिक काउंसिल की बैठक के एजेंडे में 250 एमबीबीएस सीटों के अनुरूप विभिन्न विभागों में फैकल्टी, सीनियर रेसिडेंट, ट्यूटर एवं अन्य आवश्यक मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। बायो केमेस्ट्री विभाग में 250 एमबीबीएस एवं 15 पीजी सीटों के अनुरूप प्रयोगशाला, शिक्षण सुविधाओं, उपकरण एवं अन्य आधारभूत संरचना के विस्तार का विषय भी शामिल रहा।
वहीं बैठक में मनोरोग विभाग को सुदृढ़ करने तथा रिम्स में डी-एडिक्शन सेंटर के प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जाएगा. इसके साथ ही रेडियाथैरेपी विभाग का नया नाम रेडिएशन ऑन्कोलॉजी तथा ब्लड सेंटर का नाम Department of Immunohematology and Blood Transfusion किए जाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई।
रिम्स एकेडमिक काउंसिल की आज की बैठक के दौरान शैक्षणिक एवं शोध क्षेत्र में इंटीग्रेटेड एमडी-पीएचडी कार्यक्रम शुरू करने, ह्यूमन जेनेटिक्स एवं बायोटेक्नोलॉजी से संबंधित नए शैक्षणिक कार्यक्रमों पर विचार तथा नैनोटोलॉजी में अर्ली इंटरनेंशन सेंट्र स्थापित करने के प्रस्ताव भी एजेंडे का हिस्सा रहा।
डेंटल कॉलेज में एमडीएस पाठ्यक्रम के लिए आवश्यक शिक्षकीय पदों एवं सीनियर रेसिडेंट पद की व्यवस्था, ओरल सर्जरी विभाग में प्रोफेसर पद, इंटरनल एग्जामिनर्स के पारिश्रमिक में संशोधन तथा विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति से संबंधित विषयों पर भी विचार प्रस्तावित है. वहीं, नर्सिंग कॉलेज में में एमएससी नर्सिंग प्रोग्राम शुरू करने के लिए आवश्यक शिक्षक एवं आईएनसी मानकों के अनुरूप आधारभूत संरचना विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है।
रिम्स एकेडमिक काउंसिल की आज की बैठक के एजेंडे में One-Year Basic Diploma Course in Critical Care, Junior Resident (Academic) की संख्या बढ़ाकर 150 करने तथा बाहरी अभ्यर्थियों के ऑब्ज़र्वरशिप/इंटर्नशिप के लिए एक व्यापक नीति तैयार करने जैसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी शामिल हैं। इन पहलों का उद्देश्य RIMS में शिक्षण एवं प्रशिक्षण की गुणवत्ता को मजबूत करना, एनएमसी/अन्य नियामकीय मानकों के अनुरूप मानव संसाधन एवं आधारभूत संरचना विकसित करना तथा मरीजों, विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए संस्थान की सेवाओं एवं अकादमिक अवसरों का विस्तार करना है।
राज्यकर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना को लेकर हुआ MoU
राज्य कर्मियों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुगम स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत रिम्स को राज्य कर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत एम्पैनेल्ड हेल्थ केयर प्रोवाइडर के रूप में शामिल किया गया है। इस संबंध में रिम्स प्रबंधन एवं योजना की इंश्योरेंस प्रदाता कंपनी के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। एक सप्ताह में सभी औपचारिकताओं को पूर्ण कर लिया जाएगा एवं योजना के अंतर्गत सेवा मिलनी शुरू हो जाएगी।
एमओयू पर हस्ताक्षर के अवसर पर रिम्स के निदेशक, चिकित्सा अधीक्षक तथा अपर चिकित्सा अधीक्षक-सह-योजना के नोडल ऑफिसर सहित बीमा कंपनी के पदाधिकारी एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से जेएसएएस के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर RIMS निदेशक ने कहा कि राज्य कर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत रिम्स का एम्पैनेल्ड हेल्थ केयर प्रोवाइडर के रूप में शामिल होना संस्थान की स्वास्थ्य सेवाओं को राज्य के सरकारी कर्मियों तक और अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।




