पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में कहा, ‘नशा मुक्त युवा- विकसित भारत’ अभियान पूरे देश में जोर पकड़ रहा है

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अगस्त के आखिरी रविवार को ‘मन की बात’ रेडियो कार्यक्रम में कई अहम विषयों पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने ‘नशा मुक्त युवा- विकसित भारत’ अभियान, पीएम स्वनिधि योजना में 46 फीसदी महिला लाभार्थियों, राष्ट्रीय हथकरघा दिवस, ‘वोकल

पीएम मोदी

अपनी भाषा में पढ़ें

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अगस्त के आखिरी रविवार को ‘मन की बात’ रेडियो कार्यक्रम में कई अहम विषयों पर चर्चा की।  इस दौरान उन्होंने ‘नशा मुक्त युवा- विकसित भारत’ अभियान, पीएम स्वनिधि योजना में 46 फीसदी महिला लाभार्थियों, राष्ट्रीय हथकरघा दिवस, ‘वोकल फॉर लोकल’ पर चर्चा की।

also read : झारखंड की पहली 10 लेन स्मार्ट रोड का रास्ता साफ, 177 करोड़ में बनेगी हाईटेक सड़क

‘मन की बात’ के 137वें एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘आप इस वेबसाइट पर जाएं, कोई भी एक साल चुनें और आपको पता चल जाएगा कि उस समय भारत के किस हिस्से पर किसने शासन किया था। यह काम मुंबई के कृष्णा शेषाद्रि ने किया है।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘उनकी यह कोशिश न सिर्फ इतिहास के छात्रों के लिए फायदेमंद होगी, बल्कि इससे हमें दिलचस्प तरीके से इतिहास सीखने में भी मदद मिलेगी।  उन्होंने नशा मुक्ति अभियान पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा,’ नशा मुक्त युवा – विकसित भारत’ अभियान पूरे देश में जोर पकड़ रहा है।

also read : बरही में गोली लगने से युवक गंभीर, रिम्स रेफर, हालत नाजुूक

इसका लक्ष्य साफ है: नशा-मुक्त युवा, नशा-मुक्त भारत  बहुत से लोग, खासकर युवा, इसका बड़ा हिस्सा बन गए हैं यह भारत के युवाओं की सेहत, खुशी और उज्ज्वल भविष्य के लिए हमारा सामूहिक संकल्प है।

पीएम मोदी ने कहा, ‘यह महीना ‘राष्ट्रीय हथकरघा दिवस’, ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की वर्षगांठ और ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ की वजह से खास है।  स्वतंत्रता दिवस और ‘राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस’ जैसे मौके हर नागरिक में गर्व की भावना भरते हैं।  एक ऐसी भावना जिसे ‘हर घर तिरंगा’ अभियान और मजबूत करता है ।

also read : चैंबर चुनाव : टीम तुलसी पटेल ने 32 प्रत्याशियों के नाम घोषित किए

वहीं ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ इस साल को और भी अहम बनाती है. ‘सूर्यपथ तिरंगा’ के जरिए 8 करोड़ से ज़्यादा तिरंगा सेल्फी अपलोड की गई.’ उन्होंने आगे कहा, ‘पीएम स्वनिधि योजना के लाभार्थियों में से लगभग 46फीसदी महिलाएं हैं, यानी देश भर में करीब 35 लाख महिलाएं इस पहल के जरिए अपने कारोबार को आगे बढ़ा रही हैं। गाजियाबाद की बबीता शर्मा इसका एक बहुत अच्छा उदाहरण हैं।  वह पूजा-पाठ की चीज़ों का एक छोटा सा स्टॉल लगाती थी।  पीएम स्वनिधि योजना के जरिए उन्हें आर्थिक मदद मिली।

 

उन्होंने कहा, ‘बेंगलुरु की टी.एस. निंगम्मा का उदाहरण भी बहुत प्रेरणादायक है।  उन्होंने और उनके पति ने मिलकर इडली और डोसा का एक छोटा सा बिजनेस शुरू किया था, लेकिन इसे आगे बढ़ाने के लिए उन्हें पूंजी की जरूरत थी।

also read : न्यूयॉर्क में आयोजित ‘यूनिवर्सल ऑननेस सेलिब्रेशन, माेहन भागवत बोले विविधता में एकता’ भारत के डीएनए में शामिल है

पीएम मोदी ने कहा, ‘जब किसी महिला का कारोबार बढ़ता है, तो उसके साथ-साथ उसके पूरे परिवार का भविष्य भी बेहतर होता है-बच्चों की शिक्षा में सुधार, घर की जरूरतों को पूरा करना और उसका आत्मविश्वास बढ़ना।  ये सब महिला सशक्तिकरण का जीता-जागता उदाहरण है। मैं सड़क किनारे सामान बेचने का काम करने वाली अपनी सभी बहनों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देता हूं।

पीएम मोदी ने कहा, ‘जब स्वच्छता हर नागरिक की व्यक्तिगत प्रतिबद्धता बन जाती है, तो इसका असर केवल आस-पास की सफाई तक ही सीमित नहीं रहता—यह पूरी जगह की पहचान और चरित्र को बदल देता है।  इस साल की अमरनाथ यात्रा के दौरान हमने स्वच्छता और जन-भागीदारी के प्रेरक उदाहरण देखे, जहां हज़ारों सफाई कर्मियों ने मुश्किल रास्तों पर दिन-रात सेवा की।

also read :मारवाड़ी युवा मंच रांची दक्षिण शाखा, जागृति महिला शाखा एक कदम देश के नाम ,एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम संपन्न

400 मीट्रिक टन से ज़्यादा कचरा इकट्ठा करके उसका निपटान किया गया, जिसमें तीर्थयात्रियों ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया. 16,000 से ज़्यादा लोगों ने स्वच्छता की शपथ ली और 10,000 से ज़्यादा लोगों को ‘जिम्मेदार यात्री’  का सर्टिफिकेट मिला।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘हमारी युवा महिलाओं के सपने धरती से परे अंतरिक्ष तक उड़ान भर रहे हैं और हमें इस बात पर बहुत गर्व है कि भारत ‘मिशन शक्तिसैट के जरिए दुनिया भर की हज़ारों महत्वाकांक्षी लड़कियों को एक साथ ला रहा है। यह अहम पहल 108 देशों की 12,000 छात्राओं को सैटेलाइट टेक्नोलॉजी में महारत हासिल करने और अंतरिक्ष इनोवेशन के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल करने का मौका देती है.।

also read : IAS दिव्या मित्तल ने 13 साल की नौकरी के बाद दिया इस्तीफा

उन्होंने कहा, ‘हमारे त्योहार और उत्सव हमें अपनी परंपराओं से जोड़ते हैं और साथ आने का मौका भी देते हैं। आने वाले दिनों में हम कई अहम त्योहार मनाएंगे। जन्माष्टमी का पवित्र त्योहार 4 सितंबर को है और इसी महीने हम विश्वकर्मा पूजा भी मनाएंगे—यह एक ऐसा मौका है जब हमें अपने आस-पास के स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और विश्वकर्मा साथियों का सम्मान करना चाहिए।

त्योहारों के इस मौसम में, मैं ‘वोकल फॉर लोकल’ (स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने) की अपनी बात फिर से दोहराता हूं- यह सिर्फ मिट्टी के दीये खरीदने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका दायरा बहुत बड़ा है। हम अपने घरों के लिए जो भी खरीदें, हमें यह पक्का करना चाहिए कि वह भारत में बना हो, क्योंकि आत्मनिर्भर देश बनने का रास्ता भारतीय उत्पादों पर गर्व करने से ही निकलता है और ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक यह संदेश पहुंचाना हमारी ज़िम्मेदारी है।

also read : पीएम मोदी को मिला उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च सम्मान

 

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
संबंधित खबरें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी-अभी.