सियोल, दक्षिण कोरिया : दक्षिण कोरिया के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में सप्ताहांत से जारी मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचा दी है। दक्षिण ग्योंगसांग प्रांत के जियोजे शहर में शनिवार से सोमवार सुबह तक 800 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन में एक व्यक्ति की मौत हो गई।जियोजे में सोमवार तड़के करीब 4:42 बजे भूस्खलन हुआ। इसकी चपेट में एक इमारत आ गई। पुलिस और दमकलकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर इमारत से तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इनमें एक व्यक्ति बेहोशी की हालत में मिला था। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
‘कई इलाकों में भारी बारिश से जलभराव’
योनहाप के मुताबिक, जियोजे से करीब 300 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित टोंगयोंग में भी शनिवार से सोमवार सुबह तक 671.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। दक्षिण ग्योंगसांग प्रांत के अन्य इलाकों में 240 से 340 मिलीमीटर तक बारिश हुई। भारी बारिश के कारण जियोजे और टोंगयोंग में 12 स्कूल और किंडरगार्टन जलमग्न हो गए। जियोजे में कई नदियां और जलधाराएं उफान पर आ गईं, जिससे सड़कें पानी में डूब गईं।एक अन्य इलाके में भूस्खलन की चपेट में एक मकान भी आया, हालांकि वहां किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
‘रातभर मिलीं मदद की 20 से ज्यादा कॉल’
बारिश से जुड़ी घटनाओं और नुकसान के संबंध में दमकल विभाग को जियोजे में रातभर 20 से ज्यादा मदद की कॉल मिलीं। सोमवार सुबह जियोजे और टोंगयोंग में बारिश की तीव्रता 100 मिलीमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई थी। मौसम विभाग ने दक्षिण ग्योंगसांग प्रांत के कुछ हिस्सों में सोमवार को 150 मिलीमीटर तक अतिरिक्त बारिश होने का अनुमान जताया है। पांच इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी रही, जबकि कई अन्य क्षेत्रों में बारिश को लेकर एडवाइजरी लागू की गई।
‘सरकार ने आपात प्रतिक्रिया बढ़ाई’
हालात को देखते हुए दक्षिण कोरिया के गृह मंत्रालय ने केंद्रीय आपदा एवं सुरक्षा प्रतिकार मुख्यालय में स्तर-1 आपात प्रतिक्रिया सक्रिय कर दी है। गृह मंत्री यून हो-जुंग ने अधिकारियों को लोगों की जान बचाने के लिए हरसंभव प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। प्रधानमंत्री हान सियोंग-सुक ने भी पुलिस, दमकलकर्मियों और अन्य संबंधित एजेंसियों को भारी बारिश के कारण फंसे लोगों तथा जोखिम में पड़े नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए पूरी क्षमता से अभियान चलाने का निर्देश दिया है।प्रशासन की टीमें प्रभावित इलाकों में हालात पर नजर बनाए हुए हैं और बारिश से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।








