रांची : झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायकों ने सदन के बाहर और अंदर जोरदार प्रदर्शन किया। हेमंत सरकार के खिलाफ हुई इस नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। इससे पहले सोमवार को भी विपक्ष की गैरमौजूदगी में ही सदन की कार्यवाही संचालित हुई थी।
प्रश्नकाल के दौरान सदन से अनुपस्थित रहने वाले विधायकों पर विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। स्पीकर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सवाल पूछकर सदन में उपस्थित न होना संसदीय व्यवस्था के तहत अच्छी परंपरा नहीं है। इसके बाद उन्होंने तय समय पर ही सदन की कार्यवाही शुरू कराई। भोजन अवकाश के बाद सदन में चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 8,399 करोड़ 31 लाख 11 हजार रुपये का अनुपूरक बजट सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। अनुपूरक बजट पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने राज्य के आर्थिक आंकड़ों का ब्योरा सामने रखा।
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वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बताया कि वर्ष 2024 से शुरू की गई ‘मईयां सम्मान योजना’ ने राज्य की कुल आय और प्रति व्यक्ति आय को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस योजना के क्रियान्वयन के बाद से झारखंड की औसत विकास दर लगभग 7.02% दर्ज की गई है। वहीं, वर्तमान मूल्य पर राज्य की प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 1,16,663 रुपये पहुंच गई है। सदन में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान विधायकों को आवास निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराने के मुद्दे पर तीखी बहस देखने को मिली। सरकार द्वारा दिए गए जवाब पर मंत्री राधाकृष्ण ने खुद नाराजगी जताते हुए कहा कि वे दिए गए उत्तर से संतुष्ट नहीं हैं।
इस विषय पर मंत्री दीपक बिरूआ ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि यह विधायकों के गृह निर्माण से जुड़ा मामला है और एक साथ एक स्थान पर जमीन उपलब्ध नहीं हो पा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि अंचल कार्यालय की ओर से नगड़ी, नामकुम, रातू और ओरमांझी में जमीन चिह्नित कर उपलब्ध कराई गई है। इसकी सूचना गृह निर्माण सहकारिता समिति को दे दी गई है और समिति की अनुमति मिलते ही जमीन उपलब्ध करा दी जाएगी।




