नई दिल्ली : झारखंड के छात्रों के आंदोलन पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर मंगलवार को संसद भवन परिसर में जमकर हंगामा हुआ। झारखंड भाजपा के सांसदों के साथ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सांसदों ने हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और अपना विरोध दर्ज कराया। इस मौके पर झारखंड भाजपा उपाध्यक्ष व राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप वर्मा ने विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज, आंसू गैस और वॉटर कैनन के इस्तेमाल को लोकतंत्र के लिए शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि झारखंड के इतिहास में यह घटना एक काले अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है।
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डॉ. वर्मा ने सीधे तौर पर कांग्रेस और राहुल गांधी को घेरते हुए सवाल उठाया कि जब झारखंड के युवाओं पर अत्याचार हो रहा था, तब कांग्रेस का मौन क्यों था? उन्होंने कहा कि चूंकि कांग्रेस राज्य सरकार में शामिल है, इसलिए वह पुलिसिया कार्रवाई की जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकती। राहुल गांधी को स्पष्ट करना चाहिए कि वे सत्ता के साथ हैं या युवाओं के साथ। सांसद ने बताया कि छात्र केवल अपने भविष्य और अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं। उनकी प्रमुख मांग है कि 14वीं JPSC परीक्षा को तुरंत रद्द किया जाए और JSSC-CGL सहित अन्य भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच सीबीआई (CBI) से कराई जाए।
उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज को लाठी-डंडों के बल पर दबाया नहीं जा सकता। भाजपा और एनडीए सांसद छात्रों के अधिकारों की इस लड़ाई को संसद के भीतर और बाहर पूरी मजबूती से उठाते रहेंगे, जब तक कि अभ्यर्थियों को न्याय नहीं मिल जाता।



