धनबाद : देश में डिजिटल भुगतान के बढ़ते उपयोग के बीच नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने टेक्स्ट मैसेज के जरिए होने वाली धोखाधड़ी को लेकर आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। संस्था के अनुसार, साइबर ठग अक्सर बैंक, सरकारी एजेंसियों, डिलीवरी कंपनियों या अन्य भरोसेमंद संस्थानों के नाम से फर्जी एसएमएस भेजते हैं। इनका मकसद लोगों को किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक कराने, फर्जी हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कराने, ऐप डाउनलोड कराने या ओटीपी, यूपीआई पिन और पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी हासिल करना होता है।
Read More : दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर भावुक हुए सीएम हेमंत सोरेन
NPCI ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी मैसेज पर कोई कदम उठाने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करें। इसके अलावा, ऐप हमेशा केवल आधिकारिक स्रोतों से ही डाउनलोड करें। बैंक खाते में पैसे जमा होने की पुष्टि केवल मैसेज देखकर न करें, बल्कि सीधे अपने बैंक खाते या ऐप की जांच करके ही सुनिश्चित करें।
संदिग्ध लिंक और ऐप डाउनलोड करने से बचें
संस्था ने स्पष्ट किया है कि किसी अनजान व्यक्ति या मैसेज के माध्यम से भेजे गए लिंक पर क्लिक करने और संदिग्ध ऐप डाउनलोड करने से पूरी तरह बचना चाहिए। इसके साथ ही, किसी भी स्थिति में अपना ओटीपी (OTP), यूपीआई पिन या पासवर्ड किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा न करें।
फ्रॉड होने पर 1930 या संचार साथी पोर्टल पर करें शिकायत
यदि किसी व्यक्ति को कोई संदिग्ध मैसेज प्राप्त होता है, तो उसका रिकॉर्ड सुरक्षित रख लें और तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। इसके अलावा, भारत सरकार के ‘संचार साथी’ पोर्टल पर भी इसकी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। NPCI का मानना है कि थोड़ी सी सतर्कता, समय पर सत्यापन और जागरूकता अपनाकर अधिकांश डिजिटल वित्तीय धोखाधड़ी से आसानी से बचा जा सकता है।




