रिम्स -2 एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल होगा: स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी

रिम्स में स्वास्थ्य सेवाओं की ऐतिहासिक छलांग, आधुनिक डिजिटल सुविधाओं का शुभारंभ, नई नियुक्तियों से चिकित्सा शिक्षा को मिली नई ताकत रांची। झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा और नई पहचान देने की दिशा में आज बुधवार को एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए स्वास्थ्य,

रिम्स में स्वास्थ्य सेवाओं की ऐतिहासिक छलांग, आधुनिक डिजिटल सुविधाओं का शुभारंभ, नई नियुक्तियों से चिकित्सा शिक्षा को मिली नई ताकत


रांची। झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा और नई पहचान देने की दिशा में आज बुधवार को एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स), रांची में आधुनिक स्वास्थ्य एवं डिजिटल सुविधाओं की श्रृंखला का लोकार्पण किया।

इस अवसर पर डिजिटल मैमोग्राफी यूनिट, सेंट्रल लैब, BSNL प्रबंधित हाई-स्पीड Wi-Fi एवं CCTV कमांड एंड कंट्रोल रूम, ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी (OMFS) ऑपरेशन थिएटर एवं वार्ड कॉम्प्लेक्स, CDAC ऑनलाइन भुगतान पोर्टल एवं ‘स्कैन एंड पे’ सुविधा का शुभारंभ किया गया। साथ ही नव-नियुक्त 15 एसोसिएट प्रोफेसरों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। कार्यक्रम रिम्स के नए अकादमिक भवन में आयोजित हुआ।

मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि रिम्स केवल एक अस्पताल नहीं, बल्कि झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ है और इसे देश के शीर्ष चिकित्सा संस्थानों की श्रेणी में पहुंचाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मंत्री ने कहा कि 2019 के बाद रिम्स में नियुक्तियों की प्रक्रिया लगभग ठप हो गई थी, लेकिन स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद उन्होंने सबसे पहले चिकित्सा संस्थानों में मानव संसाधन को मजबूत करने का निर्णय लिया। उसी का परिणाम है कि आज 15 एसोसिएट प्रोफेसरों को नियुक्ति पत्र दिए जा रहे हैं और जल्द ही 94 सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मजबूत फैकल्टी ही गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा और बेहतर इलाज की सबसे बड़ी नींव होती है।

डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था में पारदर्शिता, तकनीक और आधुनिक सुविधाओं का समावेश ही भविष्य का रास्ता है। इसलिए रिम्स में एक साथ कई महत्वपूर्ण डिजिटल और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की शुरुआत की गई है, जिससे मरीजों को अधिक तेज, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।

अपने छात्र जीवन को याद करते हुए मंत्री जी भावुक भी हुए। उन्होंने कहा कि “मैंने इसी रिम्स से इंटर्नशिप की है। यहां की हर चुनौती, हर कमी और हर जरूरत को बहुत करीब से देखा है। कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि एक दिन इसी संस्थान में स्वास्थ्य मंत्री के रूप में आकर बदलाव लाने का अवसर मिलेगा। आज एक डॉक्टर के रूप में स्वास्थ्य मंत्री होने के कारण मैं डॉक्टरों की समस्याओं और मरीजों की जरूरतों दोनों को अच्छी तरह समझता हूं।

उन्होंने डॉक्टरों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि “मैं हर डॉक्टर के साथ मजबूती से खड़ा हूं। कोई भी डॉक्टर जानबूझकर किसी मरीज को मरने नहीं देता। समाज को डॉक्टरों पर भरोसा करना चाहिए। डॉक्टर बेखौफ होकर काम करें, उनकी सुरक्षा और सम्मान की जिम्मेदारी सरकार की है।”

मंत्री ने कहा कि झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था में आज जो बदलाव दिखाई दे रहा है, वह केवल शुरुआत है। उन्होंने कहा कि रिम्स-2 उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है और मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन के विजन को धरातल पर उतारने का कार्य तेज़ी से चल रहा है।

उन्होंने विश्वास के साथ कहा, “मैं पूरे विश्वास के साथ कहता हूं कि RIMS-2 एशिया का सबसे बड़ा और सबसे आधुनिक अस्पताल बनेगा। हमारा उद्देश्य केवल भवन बनाना नहीं, बल्कि झारखंड के लोगों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। मैं दिन-रात इसी लक्ष्य के लिए काम कर रहा हूं और विभाग के प्रत्येक अधिकारी, डॉक्टर एवं कर्मचारी से अपेक्षा करता हूं कि वे इस परिवर्तन की यात्रा में मेरा साथ दें।

कांके विधायक एवं रिम्स गवर्निंग बॉडी के सदस्य सुरेश बैठा ने कहा कि आज रिम्स ने झारखंड के लोगों का विश्वास जीत लिया है। उन्होंने कहा कि रिम्स की बढ़ती उपलब्धियों को देखते हुए RIMS-2 समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आज रिम्स में लोगों को एम्स जैसी स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं और इसका पूरा श्रेय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के दूरदर्शी नेतृत्व और सतत प्रयासों को जाता है।

स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि राज्य सरकार रिम्स में मानव संसाधन, डिजिटल हेल्थ सिस्टम, अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों एवं अधोसंरचना के निरंतर विस्तार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नई नियुक्तियां, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाएं और RIMS-2 परियोजना झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएंगी।

रिम्स के निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी प्रो. (डॉ.) डी. के. सिन्हा ने नव-नियुक्त शिक्षकों का स्वागत करते हुए कहा कि रिम्स चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और रोगी सेवा के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्टता की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि 250 MBBS सीटों की स्वीकृति, नई फैकल्टी की नियुक्तियां, आधुनिक डिजिटल स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार तथा आगामी 94 सहायक प्राध्यापकों की भर्ती संस्थान के विकास में मील का पत्थर साबित होगी।

कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों ने नव-नियुक्त शिक्षकों एवं अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान एवं मरीजों की सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देंगे। साथ ही यह भी कहा गया कि डॉ. इरफान अंसारी के नेतृत्व में रिम्स और प्रस्तावित RIMS-2 झारखंड को देश के अग्रणी स्वास्थ्य राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में ऐतिहासिक भूमिका निभाएंगे।

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