कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद सौगत रॉय ने कोलकाता एयरपोर्ट के पास स्थित बांकरा मस्जिद को हटाने के प्रस्ताव का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक स्थल से जुड़ा निर्णय स्थानीय समुदाय की सहमति से होना चाहिए और लोगों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
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समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में सौगत रॉय ने कहा कि स्थानीय मुस्लिम समुदाय मस्जिद हटाने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने कहा कि यह मस्जिद कई दशकों से वहां मौजूद है और इसका विवाद हाल के वर्षों में सामने आया है। उनके अनुसार, किसी भी कार्रवाई से पहले स्थानीय लोगों की सहमति जरूरी है।
अदालत और पार्टी से जुड़े मुद्दों पर भी रखी राय
सौगत रॉय ने रितब्रत बनर्जी के उस बयान से असहमति जताई, जिसमें उन्होंने खुद को “असली तृणमूल” बताया था। उन्होंने कहा कि इस मामले में अभी कोई अंतिम न्यायिक फैसला नहीं आया है और अदालत की टिप्पणी को अंतिम निर्णय नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि पार्टी पहले ही अदालत का रुख कर चुकी है और जरूरत पड़ने पर ऊपरी अदालत में भी जाएगी। उनके मुताबिक, इस मामले में कानूनी लड़ाई जारी रहेगी।
UCC और नए कानून पर भी जताई आपत्ति
बारुईपुर मामले में सीपीएम नेता लाहेक अली की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए सौगत रॉय ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई की है और अब अदालत तय करेगी कि मामला कितना मजबूत है। एंटी सोशल एक्टिविटीज एक्ट, 2026 पर उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ सख्ती जरूरी है, लेकिन कोई भी कानून संविधान के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने आशंका जताई कि प्रस्तावित कानून संविधान में दिए गए कुछ अधिकारों को प्रभावित कर सकता है।
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यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) के मुद्दे पर भी उन्होंने भाजपा की आलोचना करते हुए कहा कि उनकी पार्टी इस कानून के पक्ष में नहीं है और उनका मानना है कि इसका प्रभाव मुस्लिम समुदाय पर पड़ सकता है।




