रांची। खूंटी प्रखंड में कार्यरत रोजगार सेवक अजय महतो (45) की बुधवार देर शाम संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनका शव खूंटी-भंडरा मार्ग स्थित बेलाहाथी पुल के पास सड़क किनारे मिला। जहां स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल खूंटी सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार अजय महतो विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत मुरही पंचायत में सरकारी कार्य पूरा करने के बाद मोटरसाइकिल से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान बेलाहाथी पुल के समीप वे सड़क किनारे गंभीर अवस्था में पड़े मिले।
घटना की सूचना पर आसपास के लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुरुआती तौर पर मामला सड़क दुर्घटना का प्रतीत हो रहा है, हालांकि मौत की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
रोजगार सेवक के परिजनों ने घटना पर संदेह जताते हुए हत्या की आशंका व्यक्त की है। उनका कहना है कि अजय महतो के चेहरे और मुंह के पास मौजूद चोट का निशान सामान्य सड़क हादसे जैसा नहीं बल्कि गोली लगने जैसा दिखाई देता है। परिजनों का यह भी दावा है कि शरीर पर अन्य गंभीर चोटें नहीं मिली हैं, जिससे घटना संदिग्ध लग रही है। अब पुलस जांच के बाद ही घटना की असली वजह पता चल पाएगी।
घटना की सूचना मिलने के बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी ज्योति कुमारी, खूंटी थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह तथा अन्य पुलिस अधिकारी सदर अस्पताल पहुंचे और मामले की जांच शुरू की. पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा. फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है.




