पलामू : पलामू जिले के पड़वा प्रखंड के सिक्का गांव में कथित रहस्यमयी बीमारी से एक ही परिवार में छठी मौत हो गई है। परिवार की सबसे बुजुर्ग सदस्य लाखो देवी की बीती देर रात रिम्स में इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं, परिवार के सातवें सदस्य सुनील मेहता की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका भी रिम्स में इलाज चल रहा है।
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19 जून से शुरू हुआ मौतों का सिलसिला
इस परिवार में पहली मौत 19 जून को कुलदीप मेहता की हुई थी। इसके बाद 20 जून को उनकी बेटी बबीता कुमारी, 26 जून को बेटी इंदु कुमारी, 28 जून को बहू श्वेता कुमारी, 29 जून को बेटे नकुल मेहता और अब 7-8 जुलाई की रात पत्नी लाखो देवी की मौत हो गई। पाटन के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. श्रवण कुमार ने लाखो देवी की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि पूरे गांव पर स्वास्थ्य विभाग की नजर बनी हुई है। गांव में पहले भी सर्वे किया गया था, जिसमें इस परिवार के अलावा कोई अन्य प्रभावित नहीं मिला। हालांकि एहतियात के तौर पर गांव में दोबारा सर्वे कराया जाएगा।
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ड्रॉप्सी बीमारी की आशंका, बिसरा रिपोर्ट का इंतजार
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, प्रारंभिक जांच में पूरा परिवार ड्रॉप्सी बीमारी से पीड़ित होने की आशंका सामने आई है। अधिकारियों का कहना है कि अंतिम कारण स्पष्ट होने के लिए बिसरा रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि परिवार जिस सरसों तेल का उपयोग कर रहा था, उसमें आर्गेमोन मेक्सिकाना का तेल मिला हुआ था। रांची की फूड टेस्टिंग लैबोरेटरी ने इसकी पुष्टि की है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ड्रॉप्सी की आशंका के आधार पर मरीजों का इलाज कर रहा है।
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क्या है आर्गेमोन मेक्सिकाना?
आर्गेमोन मेक्सिकाना एक कांटेदार खरपतवार है, जिसे आम बोलचाल में कटैला या पीला धतूरा कहा जाता है। यह पलामू क्षेत्र में बड़ी मात्रा में पाया जाता है। फूड टेस्टिंग लैबोरेटरी के अनुसार, इसका तेल स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक माना जाता है और इसका उपयोग सामान्य खाद्य तेल के रूप में नहीं किया जाता।




