जमशेदपुर : झुंड से बिछड़ने के बाद मुश्किलों का सामना करने वाले नन्हे हाथी शेखर को अब नया ठिकाना मिल गया है। दलमा वन्यजीव अभयारण्य में उसे सुरक्षित माहौल के साथ नया परिवार भी मिला है। यहां उसकी मुलाकात रजनी हथिनी और बादल हाथी से हुई है। अब तीनों एक साथ रहेंगे। अपनी चंचल हरकतों और मासूम अंदाज से शेखर इन दिनों दलमा आने वाले पर्यटकों का ध्यान खींच रहा है। वन विभाग उसकी जरूरतों और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रख रहा है।
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सात महीने पहले गुमला से दलमा लाया गया था शेखर
शेखर की कहानी करीब सात महीने पहले शुरू हुई, जब उसे गुमला वन प्रमंडल से दलमा लाया गया था। दरअसल, वह अपने हाथियों के झुंड से बिछड़ गया था। वन विभाग की टीम ने उसे वापस झुंड में शामिल कराने की कोशिश की, लेकिन शुरुआती प्रयासों के बाद भी वह झुंड के साथ नहीं रह सका और दोबारा अलग हो गया। ऐसे में वन विभाग ने उसकी सुरक्षा और बेहतर देखभाल को देखते हुए उसे दलमा लाने का फैसला किया। दलमा के डीएफओ सबा आलम अंसारी के मुताबिक, जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शेखर को यहां लाया गया। नए स्थान पर पहुंचते ही उसकी शरारतें शुरू हो गईं। वह काफी सक्रिय था, जिसके कारण शुरुआती दिनों में वनकर्मियों को उसे संभालने में काफी मेहनत करनी पड़ी।
रजनी और बादल के साथ बढ़ेगा हाथियों का परिवार
दलमा में पहले से रजनी हथिनी और बादल हाथी रह रहे हैं। शेखर के आने से अब यहां हाथियों की संख्या तीन हो गई है। रजनी की देखभाल करने वाले महावत ने भी शेखर को अपने हाथों से खाना खिलाया। वन विभाग उसकी जरूरतों, खानपान और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रख रहा है।
पर्यटकों के लिए भी आकर्षण बना शेखर
दलमा घूमने आने वाले पर्यटकों को अब रजनी और बादल के साथ नन्हे शेखर को भी देखने का मौका मिलेगा। झुंड से बिछड़कर अकेला हुआ शेखर अब नए माहौल में धीरे-धीरे ढल रहा है। वन विभाग को उम्मीद है कि दलमा में उसे सुरक्षित जीवन और बेहतर देखभाल मिलती रहेगी।



