रांची : चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के बाद बंगाल की खाड़ी में अब ‘मुरासु’ तूफान सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग का कहना है कि इस तूफान का झारखंड पर कोई बड़ा असर पड़ने की उम्मीद नहीं है। हालांकि, इसके चलते राज्य के कई इलाकों में आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है। यानी मौसम का मिजाज बदल सकता है, लेकिन फिलहाल किसी बड़े खतरे की आशंका नहीं है।
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कोल्हान और आसपास के जिलों में बारिश के आसार
मौसम विभाग के दो नवंबर के पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के दक्षिणी, मध्य और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में अगले दो दिनों तक बादल छाए रह सकते हैं। कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसका अधिक असर दक्षिणी झारखंड यानी कोल्हान और आसपास के जिलों में दिख सकता है। तीन नवंबर को दक्षिणी और मध्य झारखंड में कहीं-कहीं बारिश या मेघ गर्जन की संभावना है। चार नवंबर को मुख्य रूप से दक्षिणी झारखंड में बादल छाए रहने और हल्की बारिश का अनुमान है। इसके बाद पांच और छह नवंबर को सुबह के समय कुहासा या धुंध रह सकती है, जबकि आसमान मुख्यतः साफ रहने की संभावना है।
कोल्हान के जिलों में मौसम में अधिक बदलाव
मुरासु के प्रभाव से पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और सिमडेगा में बादल छाने और हल्की बारिश की संभावना है। रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा, हजारीबाग, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह और कोडरमा में भी दो और तीन नवंबर को मौसम प्रभावित रह सकता है। संताल परगना के देवघर, दुमका, जामताड़ा, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज में भी बादल छाने तथा हल्की बारिश के आसार हैं। पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार में इसका प्रभाव अपेक्षाकृत कम रहने का अनुमान है।
तेज हवा या भारी बारिश का अलर्ट नहीं
मौसम विभाग के पूर्वानुमान में झारखंड के लिए मुरासु के कारण किसी बड़े तूफानी खतरे का संकेत नहीं है। राज्य में तेज चक्रवाती हवाओं या व्यापक भारी बारिश की चेतावनी जारी नहीं की गई है। इसका असर मुख्य रूप से बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश के रूप में दिख सकता है। दो नवंबर को जारी मौसम रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में राज्य में कहीं-कहीं गरज के साथ बहुत हल्की से हल्की बारिश दर्ज की गई। हजारीबाग के हेंडीगीर में सर्वाधिक 10.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ रहा तूफान
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, मुरासु पश्चिम-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में सक्रिय है। दो नवंबर की सुबह यह 22 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा था। तूफान के आंध्र प्रदेश में नेल्लोर और नरसापुर के बीच तट पार करने का अनुमान जताया गया है। तटवर्ती आंध्र प्रदेश और उत्तरी तमिलनाडु के लिए चक्रवात संबंधी गंभीर चेतावनी जारी की गई है।
झारखंड तूफान के सीधे रास्ते में नहीं
झारखंड मुरासु तूफान के सीधे रास्ते में नहीं है, इसलिए यहां इसका असर सीमित रहने की संभावना है। हालांकि, तूफान से जुड़ी मौसमी परिस्थितियों के कारण बादल और बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार, चार नवंबर के बाद राज्य में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है।



