ग्रेटर नोएडा: पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की सेक्टर पाई-1 ऐच्छर शाखा में करीब 35 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी के मामले में अब पूर्व ब्रांच मैनेजर समेत अन्य अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। झारखंड के बैंक खातों में रकम ट्रांसफर होने की जानकारी सामने आने के बाद खाताधारकों और किसान संगठन ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि पूर्व ब्रांच मैनेजर मूल रूप से झारखंड के हजारीबाग की रहने वाली हैं। किसान नेता बृजेश भाटी ने आरोप लगाया कि मामले में सिर्फ दीपांशी के खिलाफ कार्रवाई कर अन्य बैंककर्मियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। बैंक प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि पूर्व ब्रांच मैनेजर और अन्य अधिकारियों के स्तर पर क्या जांच हुई है। उनका कहना है कि ज्यादातर रकम आशुतोष पाठक के कहने पर ट्रांसफर की गई थी। आशुतोष पाठक भी झारखंड का रहने वाला बताया जा रहा है। ऐसे में उसके संपर्कों, बैंक खातों और लेनदेन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जरूरी है।
तीन संदिग्ध लेनदेन के डेबिट वाउचर का रिकॉर्ड नहीं मिला
बैंक की शिकायत के मुताबिक, 16 सितंबर 2026 को एक महिला खाताधारक अपने पति और बेटी के साथ पासबुक अपडेट कराने शाखा पहुंची थी। पासबुक में खाते से तीन ऐसे लेनदेन दर्ज मिले, जिनकी जानकारी परिवार को नहीं थी। महिला ने शाखा प्रमुख से मिलने की मांग की, लेकिन उस समय वह मौजूद नहीं थीं। आरोप है कि इसी दौरान दीपांशी ने परिवार को इन लेनदेन के सही होने का भरोसा दिलाने का प्रयास किया। बाद में महिला के पति ने इसकी शिकायत शाखा प्रमुख से की।
बैंक की शिकायत के मुताबिक, 16 सितंबर 2026 को एक महिला खाताधारक अपने पति और बेटी के साथ पासबुक अपडेट कराने शाखा पहुंची थी। पासबुक में खाते से तीन ऐसे लेनदेन दर्ज मिले, जिनकी जानकारी परिवार को नहीं थी। महिला ने शाखा प्रमुख से मिलने की मांग की, लेकिन उस समय वह मौजूद नहीं थीं। आरोप है कि इसी दौरान दीपांशी ने परिवार को इन लेनदेन के सही होने का भरोसा दिलाने का प्रयास किया। बाद में महिला के पति ने इसकी शिकायत शाखा प्रमुख से की।
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