रांची : विजयादशमी के अवसर पर एचईसी धुर्वा स्थित शालीमार मैदान में रावण दहन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। रावण दहन समारोह समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम में दो लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की जानकारी दी गई। इस दौरान झारखंड सरकार की कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, भारत सरकार के पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय, आईएएस अधिकारी गरिमा सिंह और समिति के मुख्य संरक्षक आलोक कुमार दूबे समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। समारोह का उद्घाटन अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। रावण दहन से पहले शिल्पी नेहा तिर्की, सुबोध कांत सहाय, आलोक कुमार दूबे और समिति के अध्यक्ष संजीत यादव ने खुली जीप में सवार होकर मैदान में मौजूद लोगों का अभिवादन किया।
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रावण और कुंभकर्ण के पुतलों का हुआ दहन
समारोह में रावण और कुंभकर्ण के विशाल पुतलों का दहन किया गया। आयोजन से जुड़ी जानकारी में रावण के पुतले की ऊंचाई 60 फीट और कुंभकर्ण के पुतले की ऊंचाई 55 फीट बताई गई। कार्यक्रम के विस्तृत विवरण में पुतलों की ऊंचाई 75 फीट से अधिक होने का भी उल्लेख है। इस अवसर पर कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, सुबोध कांत सहाय, आलोक कुमार दूबे, लाल किशोर नाथ शाहदेव, डॉ. राजेश गुप्ता, शोभा यादव और मेंहुल दूबे समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
शिल्पी नेहा तिर्की ने दिया अच्छाई की जीत का संदेश
झारखंड सरकार की कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि रावण दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। उन्होंने लोगों से अधर्म और अन्याय के खिलाफ खड़े होने का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि शालीमार मैदान का रावण दहन समारोह रांची के सबसे पुराने आयोजनों में से एक है। पहले इस कार्यक्रम का संचालन एचईसी करता था। बाद में एचईसी के आयोजन से हटने के बाद आलोक कुमार दूबे, संजीत यादव और अभिषेक साहू ने इसकी जिम्मेदारी संभाली। मंत्री ने समिति के सदस्यों को भव्य आयोजन करने और परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए बधाई दी।
सुबोध कांत सहाय और आलोक दूबे ने क्या कहा?
भारत सरकार के पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय ने कहा कि जिस तरह भगवान श्रीराम ने रावण को हराया था, उसी तरह लोगों को अपने जीवन में बुराई पर अच्छाई की जीत हासिल करनी चाहिए। समिति के मुख्य संरक्षक आलोक कुमार दूबे ने अतिथियों और आम लोगों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि रावण दहन असत्य पर सत्य की विजय का उत्सव है। यह आयोजन लोगों को याद दिलाता है कि सत्य और न्याय की हमेशा जीत होती है। आलोक दूबे ने कहा कि शालीमार मैदान में पिछले 60 वर्षों से अधिक समय से रावण दहन समारोह आयोजित किया जा रहा है। यह आयोजन क्षेत्र की परंपरा और मान्यताओं को आगे बढ़ाने का काम कर रहा है।
दो घंटे से अधिक हुई आतिशबाजी, लोक नृत्य ने मोहा मन
रावण दहन से पहले शालीमार मैदान में दो घंटे से अधिक समय तक आतिशबाजी हुई। मैदान में मौजूद लोगों ने आतिशबाजी का आनंद लिया। इस दौरान झारखंड के पारंपरिक लोक नृत्य की प्रस्तुति भी की गई, जिसने दर्शकों का मन मोह लिया। समारोह के दौरान समाज सेवा के क्षेत्र में योगदान देने वाले लोगों को समिति की ओर से चुनरी भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में लाल किशोर नाथ शाहदेव, डॉ. राजेश गुप्ता, जयसिंह यादव, शोभा यादव, जगन्नाथ साहू, विजय बहादुर सिंह, अविनाश सिंह, शीला देवी, के.के. गुप्ता, जितेंद्र सिंह, राजेश यादव, परमेश्वर सिंह, काजल भट्टाचार्य, भवानी प्रसाद, रौनक कुमार, उमेश यादव और सतपाल गुप्ता शामिल रहे। समारोह का संचालन समिति के कार्यकारी अध्यक्ष श्रवण यादव ने किया।





