रांची : रविदास समाज के खिलाफ कथित जातिसूचक, अपमानजनक और अमर्यादित टिप्पणी के मामले में झारखंड प्रदेश गुरु रविदास महासभा ने FIR दर्ज करने की मांग की है। महासभा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक कुमार रवि के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को रांची के अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति थाना में लिखित शिकायत दी। महासभा का आरोप है कि 28 सितंबर 2026 को लोहरदगा जिले के कुडू प्रखंड मैदान में JLKM की राजनीतिक सभा के दौरान रविदास समाज के प्रति कथित तौर पर जातिसूचक और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। महासभा ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
Read More : रामगढ़ में साड़ी पहनकर 1600 मीटर दौड़ी कविता, वीडियो वायरल
वीडियो और डिजिटल साक्ष्य पुलिस को सौंपे
महासभा की ओर से थाना प्रभारी को घटना से जुड़े वीडियो और डिजिटल साक्ष्य पेन ड्राइव के जरिए दिए गए। महासभा ने पुलिस से वीडियो की विधिवत जांच कराने और संबंधित व्यक्ति की पहचान के साथ कार्यक्रम में उसकी भूमिका समेत दूसरे पहलुओं की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है। प्रदेश अध्यक्ष दीपक कुमार रवि ने कहा कि राजनीतिक मतभेद या विचारधारा से ऊपर किसी समाज की गरिमा और सम्मान का सवाल है। उन्होंने कहा कि अगर किसी सार्वजनिक मंच से अनुसूचित जाति समाज के खिलाफ जातिसूचक और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और कानून के मुताबिक कार्रवाई की जानी चाहिए। महासभा के महासचिव दीपक राम ने कहा कि समाज के सम्मान और संवैधानिक अधिकारों के साथ किसी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महासभा का मकसद किसी राजनीतिक दल के खिलाफ विवाद खड़ा करना नहीं, बल्कि कथित जातिसूचक अपमान की निष्पक्ष जांच और कानून के मुताबिक कार्रवाई सुनिश्चित कराना है।
कार्रवाई नहीं हुई तो लोकतांत्रिक आंदोलन की चेतावनी
प्रदेश महासचिव प्रदीप रवि ने कहा कि झारखंड प्रदेश गुरु रविदास महासभा संविधान और कानून में विश्वास रखती है और शांतिपूर्ण व लोकतांत्रिक तरीके से न्याय की मांग कर रही है। उन्होंने थाना प्रभारी से जल्द FIR दर्ज करने और उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की मांग की। महासभा ने कहा कि अगर शिकायत के बावजूद मामले में समयबद्ध और कानून के मुताबिक कार्रवाई नहीं होती है तो सामाजिक प्रतिनिधियों और समर्थकों के साथ लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा। महासभा ने कहा कि जरूरत पड़ी तो वह सड़क पर उतरने के लिए भी मजबूर होगी। महासभा ने प्रशासन से वीडियो और दूसरे डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
प्रतिनिधिमंडल में ये लोग रहे मौजूद
प्रतिनिधिमंडल में महासभा के महासचिव दीपक राम, प्रदेश महासचिव प्रदीप रवि, कांटा टोली के उपचौधरी रंजीत राम और समाजसेवी संदीप राम समेत अन्य सामाजिक प्रतिनिधि मौजूद रहे। महासभा ने कहा कि समाज की गरिमा, सम्मान और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए उसका लोकतांत्रिक और कानूनी संघर्ष जारी रहेगा।





