रांची : झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रगति को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार की अध्यक्षता में सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक हुई। बैठक में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद ने कहा कि किसी भी भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची से नहीं छूटना चाहिए और किसी गैर भारतीय का नाम मतदाता सूची में नहीं जुड़ना चाहिए। राकेश प्रसाद ने फॉर्म-6 के माध्यम से नए मतदाताओं के नाम अपेक्षाकृत कम जुड़ने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने इसमें तेजी लाने की बात कही।
Read More : SKMCH दुमका में MBBS की 50 अतिरिक्त सीटों पर नामांकन शुरू
मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने पर जोर
राकेश प्रसाद ने कहा कि देश को स्वच्छ और त्रुटिरहित मतदाता सूची मिले, इसके लिए सभी को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता, पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना जरूरी है। बैठक के दौरान उन्होंने बीते दिनों चुनाव आयुक्त को लिखे अपने पत्र का भी उल्लेख किया। इस पत्र में उन्होंने झारखंड के कई मतदान केंद्रों में मतदाता सूची में असामान्य वृद्धि का मुद्दा उठाते हुए कार्रवाई की मांग की थी।
एक मकान में 126 और दूसरे में 69 मतदाताओं का दावा
राकेश प्रसाद ने मुख्य चुनाव आयुक्त को लिखे पत्र में कहा है कि उन्हें शिकायत मिली है कि झारखंड के कई बूथों पर एक ही मकान में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम दर्ज हैं। उनके अनुसार, कहीं एक मकान में 126 तो कहीं 69 मतदाताओं के नाम दर्ज होने की शिकायत मिली है। उन्होंने पत्र में यह भी कहा कि एक मतदान केंद्र के 17 मकानों में 793 और एक अन्य मतदान केंद्र के 32 घरों में 842 मतदाताओं के नाम दर्ज होने की शिकायत मिली है। राकेश प्रसाद ने संबंधित मकानों में रहने वाले मतदाताओं के पते और अन्य आवश्यक विवरणों का सत्यापन कराने की मांग की है।
भौतिक और अभिलेखीय सत्यापन की मांग
राकेश प्रसाद ने अपने पत्र के साथ उन मतदान केंद्रों और बूथों की सूची संलग्न किए जाने की बात कही है, जिन पर आपत्ति है। उन्होंने संबंधित मकानों और मतदाताओं का नियमानुसार भौतिक एवं अभिलेखीय सत्यापन कराने की मांग की है। उनके अनुसार, सत्यापन से यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि मतदाता सूची में दर्ज नाम वास्तविक और पात्र मतदाताओं के हैं तथा किसी तरह की त्रुटिपूर्ण, डुप्लीकेट या अपात्र प्रविष्टि नहीं हुई है। उन्होंने मांग की है कि जांच के दौरान किसी प्रविष्टि में अनियमितता या नियमों के विरुद्ध नाम दर्ज पाया जाता है तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए।
झारखंड में SIR की प्रक्रिया जारी
चुनाव आयोग के अनुसार SIR का उद्देश्य पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना और अपात्र व्यक्तियों को सूची में शामिल होने से रोकना है। झारखंड के लिए आयोग के दस्तावेजों में पिछली गहन पुनरीक्षण की क्वालिफाइंग तारीख 1 जनवरी 2003 बताई गई है। झारखंड में मौजूदा SIR के तहत दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तारीख 30 सितंबर 2026 है। इसके बाद अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।




