हजारीबाग: सदर अस्पताल में इलाज के दौरान 36 वर्षीय मालती देवी की मौत के बाद सोमवार को परिजनों और स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने इलाज में कथित लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकीय प्रक्रिया पर सवाल उठाए। घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंचे और आक्रोश जताते हुए झंडा चौक को जाम कर दिया।
पुलिस के हस्तक्षेप के बाद आक्रोशित लोगों को समझाकर सदर थाना लाया गया, जहां परिजनों और संबंधित पक्ष के बीच मामले को लेकर बातचीत चल रही थी।
माथे में तेज दर्द के बाद अस्पताल में कराया था भर्ती
मृतका की पहचान जयप्रकाश मोहल्ला, कुमार टोली निवासी मालती देवी के रूप में हुई है। उनके पति का नाम संजय कुमार चौधरी बताया गया है। परिजनों के अनुसार 27 सितंबर को मालती देवी को अचानक माथे में तेज दर्द हुआ था। इसके बाद पति उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल लेकर पहुंचे।
परिजनों के मुताबिक चिकित्सक ने जांच के बाद दवाएं लिखीं और कुछ दवाएं बाहर से लाने के लिए कहा। पति ने बाहर से दवा लाकर अस्पताल में उपलब्ध कराई।
इंजेक्शन के बाद तबीयत बिगड़ने का आरोप
संजय कुमार चौधरी के अनुसार रात करीब 12:30 बजे मालती देवी को इंजेक्शन लगाया गया। उनका दावा है कि इंजेक्शन के बाद कुछ समय के लिए दर्द में राहत मिली, लेकिन बाद में उन्हें उल्टी होने लगी और तबीयत बिगड़ गई।
परिजनों का आरोप है कि सुबह भी नर्स ने मालती देवी को इंजेक्शन लगाया। इसके बाद अस्पताल की ओर से उन्हें उनकी पत्नी की मौत की जानकारी दी गई। परिजनों ने इसी घटनाक्रम को लेकर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया और अस्पताल में विरोध जताया।
हालांकि, महिला की मौत का वास्तविक चिकित्सकीय कारण क्या था, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। अस्पताल प्रबंधन का पक्ष तत्काल उपलब्ध नहीं हो सका है।
चार बच्चों के सिर से उठा मां का साया
मालती देवी के चार बच्चे हैं, जिनमें तीन बेटियां और एक बेटा बताया गया है। परिजनों के अनुसार परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है। महिला की मौत के बाद परिवार के सामने बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है।
झंडा चौक पर लगाया जाम
महिला की मौत की जानकारी मिलने के बाद आसपास के लोग भी सदर अस्पताल पहुंच गए। इलाज में कथित लापरवाही का आरोप लगाते हुए लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और झंडा चौक पर जाम लगा दिया।सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों से बातचीत कर स्थिति को संभाला। इसके बाद आक्रोशित परिजनों और अन्य लोगों को सदर थाना लाया गया।
सुबह अस्पताल की ओर से मौत की मिली जानकारी
संजय कुमार चौधरी ने बताया कि रात करीब 12:30 बजे पत्नी को इंजेक्शन लगाया गया। इसके बाद कुछ देर के लिए दर्द में कमी हुई, लेकिन बाद में उन्हें उल्टी होने लगी। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि सुबह भी नर्स द्वारा मालती देवी को इंजेक्शन लगाया गया। इसके बाद अस्पताल की ओर से उन्हें बताया गया कि उनकी पत्नी की मौत हो गई है। पति का कहना है कि रात में ही उन्हें यह महसूस हो गया था कि उनकी पत्नी की स्थिति बेहद गंभीर है और शायद उनकी मौत हो चुकी है। हालांकि सुबह अस्पताल की ओर से मौत की जानकारी दी गई। इसी बात को लेकर परिजनों में आक्रोश बढ़ गया।