रांची/धनबाद : चुनाव आयोग के खिलाफ झारखंड में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और भाकपा माले ने शनिवार को अलग-अलग प्रदर्शन किए। रांची में RJD कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका और उनके इस्तीफे की मांग की। वहीं, धनबाद में भाकपा माले ने रणधीर वर्मा चौक पर प्रदर्शन कर चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग उठाई।
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रांची में RJD का आक्रोश मार्च
रांची में झारखंड राजद की प्रदेश उपाध्यक्ष अनिता यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने रांची यूनिवर्सिटी गेट से परमवीर अल्बर्ट एक्का चौक तक आक्रोश मार्च निकाला। कार्यकर्ता पार्टी के झंडे-बैनर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतले के साथ मार्च में शामिल हुए। इस दौरान केंद्र सरकार, भाजपा और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की गई। परमवीर अल्बर्ट एक्का चौक पर मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंका गया और उनके इस्तीफे की मांग की गई। अनिता यादव ने कहा कि विपक्ष लगातार आरोप लगाता रहा है कि ज्ञानेश कुमार भाजपा के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि दो अन्य चुनाव आयुक्तों की ओर से 14 बार लिखे गए पत्र सामने आने के बाद चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि SIR और बांग्लादेशी के नाम पर बड़ी संख्या में मतदाताओं को उनके मौलिक और संवैधानिक वोट देने के अधिकार से वंचित किया गया। अनिता यादव ने कहा कि ऐसे में मुख्य चुनाव आयुक्त ने पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार खो दिया है। प्रदर्शन में राजद के प्रदेश उपाध्यक्ष इरफान अहमद अंसारी, एसडी सिंह, मनोज पांडेय, रामकुमार यादव समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।
धनबाद में माले का प्रदर्शन
धनबाद में रणधीर वर्मा चौक पर शनिवार को भाकपा माले ने चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका गया। प्रदर्शन में आइसा (AISA) से जुड़े छात्र-छात्राओं ने भी हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच कराने और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की। भाकपा माले नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया में मतों की कथित हेराफेरी को लेकर गंभीर सवाल उठाए।
माले नेताओं ने कहा कि मतदान का अधिकार लोकतंत्र की बुनियाद है और मतदाताओं के इस अधिकार से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। नेताओं के मुताबिक, इसी मुद्दे को लेकर पार्टी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी आंदोलन किया था। माले नेताओं ने कहा कि उस प्रदर्शन के दौरान पार्टी महासचिव, किसान नेता पुरुषोत्तम शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण, बुद्धिजीवी योगेंद्र यादव और छात्र नेता नेहा समेत कई लोगों को हिरासत में लिया गया था।
दोबारा चुनाव कराने की भी मांग
धनबाद में प्रदर्शन के दौरान माले नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के साथ कथित चुनावी अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग की। साथ ही बिहार और पश्चिम बंगाल समेत उन राज्यों में दोबारा चुनाव कराने की मांग की गई, जहां पार्टी ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। माले नेताओं ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के मुद्दे पर उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि झारखंड से लेकर दिल्ली तक इस मुद्दे पर आवाज उठाई जाएगी।




