भारतीय टेलीकॉम नियामक प्राधिकरण (ट्राइ) ने मोबाइल उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए एक ऐतिहासिक और कड़ा कदम उठाया है। अब टेलीकॉम कंपनियों को केवल वॉयस कॉल और एसएमएस वाले सस्ते रिचार्ज प्लान्स बाजार में उतारने होंगे।
जबरन डेटा थोपने वाली कंपनियों पर लगाम
पिछले कुछ सालों से निजी टेलीकॉम कंपनियों ने बिना डेटा वाले छोटे और सस्ते प्लान्स बाजार से लगभग गायब कर दिए थे। ग्राहकों को कॉलिंग के साथ जबरन महंगा इंटरनेट डेटा खरीदना पड़ता था। ट्राइ ने टेलीकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन रेगुलेशन में संशोधन करते हुए साफ कर दिया है कि कंपनियों को अब कम अवधि और सस्ते ‘वॉयस और एसएमएस-ओनली’ विकल्प उपलब्ध कराने होंगे, जिससे उन करोड़ों उपभोक्ताओं को फायदा मिलेगा जो मोबाइल का इस्तेमाल सिर्फ बातचीत या मैसेज भेजने के लिए करते हैं।
इस नए नियम से विशेष तौर पर उन निम्न आय वर्ग के ग्राहकों, बुजुर्गों और फीचर फोन यूजर्स को बड़ी राहत मिलेगी, जिनका इंटरनेट पर एक रुपया भी खर्च नहीं होता है। कंपनियों की मनमानी खत्म होने से अब ग्राहकों को महंगे डेटा पैक्स से छुटकारा मिलेगा और वे केवल अपनी जरूरत (कॉलिंग और एसएमएस) के हिसाब से कम कीमत पर रिचार्ज करा सकेंगे।
ट्राइ के इस सख्त रुख के बाद अब सभी एयरटेल, जियो और वोडाफोन-आइडिया जैसी कंपनियों को अपने टैरिफ प्लान में बदलाव करना होगा। नियामक के इस कदम से स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में उपभोक्ताओं को अधिक किफायती और उनकी जरूरत के अनुकूल विकल्प मिलेंगे, जिससे मोबाइल पर होने वाला फालतू खर्च काफी हद तक कम हो जाएगा।




