मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति पर बाबूलाल मरांडी का CM हेमंत को पत्र

रांची : झारखंड में मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति लंबित रहने को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने CM हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है। उन्होंने CM से मुख्य सूचना आयुक्त के चयन के लिए संबंधित समिति की बैठक अविलंब बुलाने और नियुक्ति की प्रक्रिया

बाबूलाल मरांडी
सीएम हेमंत सोरेन - बाबूलाल मरांडी (फाइल फोटो)

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रांची : झारखंड में मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति लंबित रहने को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने CM हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है। उन्होंने CM से मुख्य सूचना आयुक्त के चयन के लिए संबंधित समिति की बैठक अविलंब बुलाने और नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी कराने की मांग की है। बाबूलाल मरांडी ने पत्र में कहा है कि सूचना आयुक्तों की नियुक्ति को लेकर CM की अध्यक्षता में हुई बैठक में उन्होंने भी हिस्सा लिया था। उस दौरान मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति को लेकर CM ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया था।

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नियुक्ति के बाद भी सुनवाई शुरू नहीं होने पर सवाल

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सूचना आयुक्तों की नियुक्ति के बाद भी मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति नहीं हुई है। इसके कारण राज्य सूचना आयोग में अपीलों और शिकायतों की सुनवाई शुरू नहीं हो पाई है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे में उन नागरिकों को नियुक्तियों का लाभ कैसे मिलेगा, जो अपनी अपीलों और शिकायतों पर सुनवाई का इंतजार कर रहे हैं।

‘आश्वासन पर विश्वास करके दी थी सहमति’

नेता प्रतिपक्ष ने पत्र में कहा कि CM के आश्वासन पर विश्वास करके ही उन्होंने सूचना आयुक्तों की नियुक्ति संबंधी अनुशंसा पर अपनी सहमति दी थी और हस्ताक्षर किए थे। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें पहले पता होता कि मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति लंबित रहेगी और आयोग का कामकाज शुरू नहीं होगा, तो वह उस समय हस्ताक्षर नहीं करते। बाबूलाल ने कहा कि इस स्थिति में जनता को जवाब देना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने CM से इस मामले में स्पष्ट समयसीमा बताने की भी मांग की है।

हाईकोर्ट में चली जनहित याचिका का भी जिक्र

बाबूलाल मरांडी ने पत्र में कहा कि इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में चली जनहित याचिका भी सरकार की ओर से नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने के आश्वासन के आधार पर निष्पादित हुई थी। उनके मुताबिक, इसके बाद सरकार की जिम्मेदारी थी कि राज्य सूचना आयोग को पूरी तरह कार्यशील बनाया जाए। उन्होंने कहा कि अगर अब किसी नागरिक को दोबारा अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़े और लंबी न्यायिक प्रक्रिया से गुजरना पड़े, तो इसके लिए जिम्मेदार कौन होगा।

नियमित सुनवाई शुरू कराने की मांग

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सूचना का अधिकार नागरिकों को सरकारी कामकाज के बारे में सवाल पूछने और जवाब प्राप्त करने का अधिकार देता है। आयोग में सुनवाई नहीं होने से यह अधिकार व्यवहार में प्रभावित हो रहा है। उन्होंने CM से मुख्य सूचना आयुक्त के चयन के लिए समिति की बैठक तत्काल बुलाने, नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी कराने और राज्य सूचना आयोग में अपीलों एवं शिकायतों की नियमित सुनवाई शुरू कराने की मांग की है। साथ ही उन्होंने इन सभी कार्यों की स्पष्ट समयसीमा से अवगत कराने को कहा है।

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