1.20 लाख लोगों की जांच, 1,000 स्वास्थ्यकर्मियों के प्रशिक्षण और 500 स्थानों तक मोबाइल वैन पहुंचाने का लक्ष्य
रांची:  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के ‘स्वस्थ युवा, स्वस्थ भारत’ के संकल्प से प्रेरित होकर फैटी लिवर रोग की समय रहते पहचान, रोकथाम और उपचार के लिए ‘रांची मॉडल’ विकसित किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य पहल की जानकारी आज रांची सदर अस्पताल में आयोजित पत्रकार वार्ता में रक्षा राज्य मंत्री एवं रांची सांसद  संजय सेठ ने दी।
उन्होंने  कहा कि स्वस्थ नागरिक ही विकसित भारत की मजबूत नींव हैं। स्वस्थ युवा शक्ति को सशक्त बनाकर ही स्वस्थ परिवार, स्वस्थ समाज और सशक्त झारखंड का निर्माण किया जा सकता है। इसी उद्देश्य के साथ ‘रांची मॉडल’ तैयार किया जा रहा है, जिसमें बीमारी के उपचार के साथ-साथ उसकी रोकथाम और समय पर पहचान पर विशेष जोर दिया जाएगा।  उन्होंने कहा कि यह मेरा ड्रीम प्रोजेक्ट है, जो अब धरातल पर उतरने वाला है।
डॉ. एस. के. सरीन के मार्गदर्शन में संचालित होगा अभियान
यह पूरा अभियान लीवर के भगवान कहे जाने वाले वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एस. के. सरीन के मार्गदर्शन में सदर अस्पताल, रांची तथा इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बाइलरी साइंसेज (ILBS), नई दिल्ली के सहयोग से संचालित किया जाएगा।
3 करोड़ रुपये है और दोनों वाहन रांची पहुंचे
इस पहल के तहत अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस दो विशेष वाहनों के माध्यम से डॉक्टरों की देखरेख एवं मार्गदर्शन में लोगों तक जांच और स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएंगी। इन दोनों अत्याधुनिक वाहनों की कुल लागत लगभग 3 करोड़ रुपये है और दोनों वाहन रांची पहुंच चुके हैं।
इन मोबाइल चिकित्सा वाहनों के माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक फैटी लिवर की जांच, जोखिम की पहचान तथा आवश्यक चिकित्सा परामर्श पहुंचाने में मदद मिलेगी।इस महत्वाकांक्षी अभियान का शुभारंभ शीघ्र किया जाएगा। अभियान के शुभारंभ अवसर पर केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री  मनसुख मांडविया, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एस. के. सरीन तथा झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री श्री इरफान अंसारी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहेंगे।
गांव से विशेषज्ञ संस्थान तक चार स्तरीय व्यवस्था
‘रांची मॉडल’ के तहत सामुदायिक स्तर से लेकर जिला एवं उच्च चिकित्सा संस्थानों तक चार स्तरीय जांच एवं उपचार व्यवस्था विकसित की जाएगी।
आशा एवं एएनएम के माध्यम से प्रारंभिक जांच की जाएगी। एबीसीडी जोखिम स्कोर के माध्यम से उच्च जोखिम वाले लोगों की पहचान की जाएगी। प्राथमिक स्तर पर जीवनशैली एवं पोषण संबंधी परामर्श दिया जाएगा, जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं अनुमंडलीय अस्पतालों में फाइब्रोस्कैन, उपचार एवं फॉलोअप की व्यवस्था विकसित की जाएगी।इस व्यवस्था का उद्देश्य मरीजों की पहचान के बाद उन्हें आवश्यकता के अनुसार उच्च चिकित्सा संस्थानों तक उचित समय पर पहुंचाना और उपचार के साथ निरंतर निगरानी सुनिश्चित करना है।
एक लाख युवाओं को स्वास्थ्य जागरूकता अभियान से जोड़ने का लक्ष्य
युवाओं को इस अभियान का सक्रिय भागीदार बनाने के लिए ‘स्माइल्स’ और ‘वाई-स्माइल्स’ पहल के माध्यम से विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में स्वास्थ्य जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।इस पहल के तहत लगभग 40 कॉलेजों के 50,000 विद्यार्थी और लगभग 60 स्कूलों के 50,000 विद्यार्थी इससे जुड़ेंगे।
युवाओं के बीच स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि और समय पर स्वास्थ्य जांच के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
1.20 लाख लोगों की जांच का लक्ष्य
परियोजना के तहत व्यापक स्तर पर स्वास्थ्य जांच और जागरूकता का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अंतर्गत- 1,20,000 लोगों की जांच, 18 प्रखंड एवं अनुमंडल स्तरीय क्लीनिक, 1,000 स्वास्थ्यकर्मियों का प्रशिक्षण,  500 स्थानों पर मोबाइल वैन का भ्रमण, लगभग 25,000 उच्च जोखिम वाले लोगों की पहचान,लगभग 20,000 फैटी लिवर मामलों का प्रारंभिक निदान का लक्ष्य रखा गया है।
परियोजना की हर तीन महीने में समीक्षा की जाएगी, ताकि निर्धारित लक्ष्यों की प्रगति के साथ आवश्यक सुधार भी समय पर सुनिश्चित किए जा सकें। संजय सेठ ने कहा कि ‘रांची मॉडल’ केवल बीमारी के उपचार तक सीमित नहीं रहेगा। इसका उद्देश्य बीमारी के जोखिम को समय रहते पहचानना, लोगों को आवश्यक चिकित्सा परामर्श उपलब्ध कराना और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी  के ‘स्वस्थ युवा, स्वस्थ भारत’ के संकल्प को धरातल पर मजबूत करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है। हमारा प्रयास है कि स्वास्थ्य सेवाएं केवल अस्पतालों तक सीमित न रहें, बल्कि जांच, परामर्श और जागरूकता की सुविधाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचें।
‘रांची मॉडल’ के माध्यम से स्वास्थ्य के क्षेत्र में रोकथाम, प्रारंभिक पहचान, उपचार और निरंतर फॉलोअप को एकीकृत करते हुए एक ऐसी व्यवस्था विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे व्यापक स्तर पर प्रभावी बनाया जा सके। आज के इस प्रेस वार्ता में सिविल सर्जन डॉ अमरेंद्र प्रसाद,डिप्टी सुपरिंटेंडेंट डॉ विमलेश सिंह, डीपीएम प्रवीण सिंह, विशेष रूप से उपस्थित रहे ।